छत्तीसगढ़: पिकअप की ठोकर से 3 मृत

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में पिकअप की ठोकर से बाइक सवार 3 लोगों की मौत हो गई है. रविवार को बिलासपुर के पास रतनपुर-बेलगहना मार्ग पर लालपुर के पास तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को ठोकर मार दी जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई है. वहीं पिकअप चालक वाहन छोड़कर भाग खड़ा हुआ है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

मिली जानकारी के अनुसार रानी बछाली के कौशिक परिवार में मांगलिक कार्य था. जिसमें शामिल होने के लिये तीनों आये हुये थे. मांगलिक कार्य में शामिल होने के बाद 40 वर्षीय पुरषोतम कौशिक, उसका 8 वर्षीय पुत्र आयुष कौशिक एवं अपने रिश्तेदार 55 वर्षीय समारू कश्यप के साथ बाइक से लौट रहे थे.


शाम के वक्त जब वे लौट रहे थे तो बेलगहना की ओर से आ रही पिकअप जिसका नंबर सीजी 10 एडी 5816 ने ठोकर मार दी.

पिकअप की ठोकर इतनी तेज थी कि पुरषोतम कौशिक तथा उसके पुत्र आयुष कौशिक की मौके पर ही मौत हो गई.

घायल समारू कश्यप को इलाज के लिये एंबुलेंस से रतनपुर के अस्पताल भेजा गया जाहं उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

गांव वालों का कहना है कि पिकअप की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह नियंत्रण से बाहर हो गई थी.

गौरतलब है कि आजकल लोग 8 हजार 10 हजार रुपये का मोबाइल फोन तो रखते हैं पर महज 600 से 800 रुपयों में मिलने वाला हेलमेट पहनने से परहेज करते हैं.

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने हेलमेट पहनने के प्रति जन जागरुकता के लिये खुद हेलमेट पहनकर दोपहिया गाड़ी चलाई थी. इधर वास्तविकता है कि जब पुलिस या परिवहन विभाग वालें बिना हेलमेट पहनने पर सवार/चालकों को रोकते हैं तो वे अपनी ‘ऊंची पहुंच’ का हवाले देने लगते हैं.

सरकारी आकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में हेलमेट पहनने से 2015 में करीब 1243 जानें बचाई जा सकती थी. केन्द्र सरकार की एक रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है.

छत्तीसगढ़ में साल 2015 में सड़क दुर्घनाओं में कुल 4082 जानें गई जिनमें से 1243 दोपहिया वाहनों के सवार/चालक थे. उल्लेखनीय है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ में हेलमेट पहनने के लिये जोरदार अभियान चलाया जा रहा है. हेलमेट पहनने से दोपहिया सवार/चालकों जानलेवा सड़क दुर्घनाओं से बच सकते हैं.

छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के आकड़ें-
– साल 2015 में छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना में 13,426 लोग तथा देश में 5,00,279 लोग घायल हुये.
– सड़क दुर्घनाओं में छत्तीसगढ़ की भागीदारी महज 2.9 फीसदी है.
– साल 2015 में कुल 14,446 सड़क दुर्घटनायें हुई जिसमें 13,426 घायल तथा 4,082 लोग मारे गये.
– साल 2013 में प्रति 10,000 गाड़ियों में से 40 दुर्घनाग्रस्त हुये है.
– साल 2015 में 3710 घातक, 1816 गंभीर, सामान्य चोट वाली 7217 तथा बिना चोट वाली 1703 सड़क दुर्घटनायें हुये.
– राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2012 में 3609, 2013 में 3237, 2014 में 2986 तथा 2015 में 3585 दुर्घटनायें हुये.
– जिनमें 2012 में 956, 2013 में 1124, 2014 में 1118 तथा 2015 में 1201 जानें गई.
– राज्य राजमार्ग में 2012 में 3654, 2013 में 3804, 2014 में 3758 तथा 2015 में 3898 दुर्घटनायें हुई.
– जिनमें 2012 में 842, 2013 में 938, 2014 में 1180 तथा 2015 में 1139 जानें गई.
– सड़क दुर्घनाओं में साल 2015 में पैदल चलने वाले 151 लोग दुर्घटना की चपेट में आये, 117 घायल हुये तथा 36 लोग मारे गये.

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