छत्तीसगढ़: आदिवासी साक्षरता में फिसड्डी

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ आदिवासी लड़कियों की साक्षरता में पिछड़ गया है. केन्द्र सरकार की तमाम कोशिश के बावजूद छत्तीसगढ़ आदिवासी लड़कियों की साक्षरता बढ़ाने में फिसड्डी साबित हुआ है. केन्द्र सरकार द्वारा निम्न साक्षरता वाले जिलों में आदिवासी लड़कियों की शिक्षा के सुद्दढ़ीकरण की योजना लागू की गई है. देश के अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ इस मामले में फिसड्डी साबित हुआ है.

छत्तीसगढ़ में साल 2001 की तुलना में साल 2011 में इस मामले में 13.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आदिवासी लड़कियों की साक्षरता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी त्रिपुरा में 31.7 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश 23.65 फीसदी तथा दादर नागरहवेली में 23.3 फीसदी दर्ज की गई है. जबकि छत्तीसगढ़ के साथ अस्तित्व में आये झारखंड में आदिवासी लड़कियों की साक्षरता में 18.5 फीसदी दर्ज की गई है.


देश के 13 राज्यों के कुल 54 जिलों में “कम साक्षरता वाले जिलों में अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं के बीच शिक्षा का सुद्दढ़ीकरण” योजना लागू की गई. यह योजना 2001 के जनगणना के आंकड़ों के आधार पर की गई थी. जब 10 साल बाद इसकी पड़ताल की गई तो मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में आदिवासी लड़कियों की साक्षरता में सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

केन्द्र सरकार के जनजातीय मंत्रालय द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के अऩुसार छत्तीसगढ़ में साल 2001 की तुलना में साल 2011 में इस मामले में 13.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जबकि छत्तीसगढ़ की तुलना में मध्यप्रदेश में 11.38 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 13.2 फीसदी, राजस्थान में 13.9 फीसदी, महाराष्ट्र में 14.8 फीसदी, ओडिशा में 16.4 फीसदी, आंध्रप्रदेश में 16.7 फीसदी, नगालैंड में 16.9 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 17.2 फीसदी, झारखंड में 18.15 फीसदी, गुजरात में 18.23 फीसदी, दादर और नागरहवेली में 23.3 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश में 23.65 फीसदी, त्रिपुरा में 37.1 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 5 जिलों सरगुजा, कोरबा, बस्तर, दंतेवाड़ा तथा बिलासपुर में यह योजना लागू की गई है. जिसमें से सरगुजा में 9 फीसदी, कोरबा में 18.4 फीसदी, बस्तर में 13.9 फीसदी तथा दंतेवाड़ा में 10.8 फीसदी साक्षरता में बढ़ोतरी हुई है. बिलासपुर जिले के आंकड़ें उपलब्ध नहीं हैं.

अब यदि उपलब्ध दूसरे आंकड़ें पर गौर फरमायेंगें तो पायेंगे कि छत्तीसगढ़ के इन्हीं जिलों में कुल साक्षरता दर कमोबेश बेहतर है. छत्तीसगढ़ के सरगुजा में साक्षरता की दर 61.16 फीसदी, कोरबा में 73.22 फीसदी, बस्तर में 54.94 फीसदी, दंतेवाड़ा में 42.67 फीसदी तथा बिलासपुर जिले में 71.59 फीसदी है.

इस तरह से छत्तीसगढ़ के सरगुजा में साक्षरता दर 61.16 फीसदी है लेकिन आदिवासी लड़कियों की साक्षरता बढ़ाने के मामले में वहां पर महज 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. कोरबा की साक्षरता दर 73.22 फीसदी है वहां पर बढ़ोतरी 18.4 फीसदी, बस्तर की साक्षरता दर 54.94 फीसदी पर बढ़ोतरी 13.9 फीसदी, दंतेवाड़ा की साक्षरता दर 42.67 फीसदी है वहां पर बढ़ोतरी 10.8 फीसदी की हुई है.

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