अब गोबर खरीदेगी छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर | डेस्क: छत्तीसगढ़ सरकार ने अब किसानों से गोबर ख़रीदने की फ़ैसला किया है. इसे गो धन न्याय योजना का नाम दिया गया है.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार 6 से 8 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी. हालांकि अंतिम रुप से क़ीमत तय करने के लिये एक कमेटी बनाई गई है.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में गौ-पालन को आर्थिक रूप से लाभदायी बनाने तथा खुले में चराई की रोकथाम तथा सड़कों एवं शहरों में जहां-तहां आवारा घुमते पशुओं के प्रबंधन एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में गोधन न्याय योजना शुरू करने का एलान किया है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में गौपालन को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी सुरक्षा और उसके माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाना है.

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते डेढ़ सालों में छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी के माध्यम से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने चारों चिन्हारियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गौठानों का निर्माण किया गया है. राज्य के 2200 गांवों में गौठानों का निर्माण हो चुका है और 2800 गांवों में गौठानों का निर्माण किया जा रहा है.

भूपेश बघेल ने कहा कि आने वाले दो-तीन महीने में लगभग 5 हजार गांवों में गौठान बन जाएंगे. इन गौठानों को हम आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित कर रहे हैं. यहां बड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से शुरू किया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना राज्य के पशुपालकों के आर्थिक हितों के संरक्षण की एक अभिनव योजना साबित होगी. उन्होंने कहा कि पशुपालकों से गोबर क्रय करने के लिए दर निर्धारित की जाएगी. दर के निर्धारण के लिए कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय मंत्री मण्डलीय उप समिति गठित की गई है.

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