छत्तीसगढ़: नोटबंदी से LIC में मंदी

जगदलपुर | संवाददाता: पुराने नोटों को न लेने के कारण बस्तर संभाग के करीब 6 लाख जीवन बीमा धारक अपने प्रमियम का भुगतान नहीं कर पा रहें हैं. जीवन बीमा में अभी तक पराने नोट लेने का सर्कुलर नहीं आया. इस कारण से एजेंट प्रीमियम का भुगतान पुराने नोटों के रूप में स्वीकार हीं कर रहें हैं. उधर, नये नोट की किल्लत होने के कारण बीमित लोग भी अपने प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पा रहें हैं. इस स्थिति की भनक लगते ही जीवन बीमा निगम ने प्रीमियम जमा करने की तारीख 1 माह तक लिये बढ़ा दी है.

जानकारों का माना है कि कमोबेश यही स्थिति पूरे राज्य की है. गौरतलब है कि जीवन बीमा बाजार में 75 भारतीय जीवन बीमा निगम हिस्सदारी 75 फीसदी है. इस तरह से लाखों लोग अपने जीवन बीमा के प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पा रहें हैं.


नोटबंदी के बाद नगर निगम, विद्युत वितरण कंपनी सहित बीएसएनएल द्वारा 5 सौ व हजार के नोट लेने से उपभोक्ताओं की बकाया राशि इन विभागों ने वसूलकर लक्ष्य की पूर्ति कर ली. जबकि एलआईसी भी निगम का एक अंग है, जिसकी एक गलती से एलआईसी को भारी मंदी का सामना करना पड़ रहा है.

जगदलपुर के एलआईसी एजेंटों से मिली जानकारी के मुताबिक अगर नोटबंदी के दौरान पुराने नोट को लेने के आदेश अधिकारिक तौर पर मिलते तो ऐसी परेशानी लोगों के सामने नहीं रहती.

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