छत्तीसगढ़: साइको किलर जालसाज निकला

रायपुर | संवाददाता: साइको किलर उदयन दास ने जालसाजी करके 36 फिक्स डिपाजिट से पैसे निकाले हैं. हाल की में पकड़े गये साइको किलर उदयन दास ने अपने माता-पिता की हत्या करने के बाद न केवल मां के नाम के मकान को फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर बेचा बल्कि कई और जालसाजियां भी की हैं. साइको किलर ने मां के फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर सेन्ट्रल बैंक और फेडरल बैंक के कुल 36 फिक्स डिपाजिटों को तुड़वाकर भी उसके पैसे निकाल लिये. दूसरी तरफ मां के जीवित होने का प्रमाण देकर बैंक में उनका पेंशन भी शुरु करा लिया था.

जांच अधिकारी उदयन दास के इस जालसाजी से हैरान हैं. छत्तीसगढ़ में रायपुर के सीएसपी पुरानी बस्ती राजीव शर्मा के नेतृत्व में डीडी नगर थाना, सिविल लाइन के टीआई के साथ एसआईटी का गठन किया गया है. जिसमें क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर भी हैं. आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसमें बैंक तथा रजिस्ट्री ऑफिस के कुछ लोगों का गैर-कानूनी सहयोग मिला है.


साइको किलर उदयन दास ने फर्जी कंपनियों के नाम से वेबसाइट भी बनवाई थी. जिनमें खुद वॉन रिचथोफेन मेहरा के नाम से सीईओ बना हुआ था. वेबसाइट में ये कंपनियां भारत के अलावा अमरीका, चीन, सिंगापुर, यूएई और यूरोपीय देशों में काम करती थीं. ये दोनों वेबसाइट उसने रायपुर में बनवाई थी.

जिस मां की उसने हत्या की, उसके नाम से भी एक कंपनी के मुख्यालय के नाम इंद्राणी प्लाजा रखा और जिस लिवइन पार्टनर आकांक्षा को मारा, उसे इसी कंपनी में शेयर होल्डर बताया. इसका मुख्यालय अमरीका के सेन डिएगो में बताया था. इन फर्जी कंपनियों से वह खुद को हीरा, आरन, स्टील, गोल्फ कोर्स, तेल भंडार, शिपिंग, गोल्ड बार, एयरोस्पेस और नाइट क्लब का कारोबारी बताता था.

फिलहाल साइको किलर उदयन दास को पश्चिम बंगाल पुलिस अपने साथ ले गई है. पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे 18 फरवरी तक रिमांड पर लिया है. उसके बाद उदयन को छत्तीसगढ़ पुलिस ले आयेगी. पूछताछ में उदयन दास ने स्वीकार किया है कि वह आकांक्षा के माता-पिता को भी मारने की प्लानिंग कर रहा था.

दरअसल, मामले का खुलासा पश्चिम बंगाल के बांकुरा की रहने वाली 28 वर्षीय लड़की आकांक्षा शर्मा के लापता होने से हुआ. फेसबुक से माध्यम से उदयन तथा आकांक्षा की दोस्ती हुई थी.

उदयन के पिता बीके दास पहले भोपाल के भेल में अफसर थे तथा उनकी मां इंद्राणी दास भोपाल में पुलिस मुख्यालय में डेपुटेशन पर थी. छत्तीसगढ़ अलग राज्य बन जाने पर दास परिवार साल 2008 में रायपुर में आकर रहने लगा. जहां पर इंद्राणी दास को सांख्यिकी विभाग में नौकरी मिल गई थी. आस-पड़ोस के लोगों का कहना है कि दास परिवार बहुत रिजर्व किस्म का था तथा लोगों से मेल जोल नहीं रखता था. एक दिन उदयन के माता-पिता दोनों अचानक गायब हो गये. तब उदयन ने पड़ोसियों को बताया कि वे न्यूयार्क चले गये हैं.

मकान उदयन के मां के नाम पर था. उदयन ने उसका नकली डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर मकान 31 लाख रुपयों में बेच डाला था. उदयन ने घर को एक अधिवक्ता हरीश पांडे को बेच दिया था.

उधर, बांकुरा में आकांक्षा न्यूयार्क जाने की बात कहकर जून 2016 में भोपाल आ गई. जहा वह उदयन के साथ साकेत नगर में लिवइन रिलेशन में रहने लगी. जुलाई 2016 में उदयन को आकांक्षा के चरित्र पर संदेह हुआ तो उसका गला घोंटकर मार डाला. उसके बाद उसने आकांक्षा के शव को लोहे की संदूक में बंद करके उसके चारों ओर सीमेंट का चबूतरा बना दिया.

उदयन को 2 फरवरी 2017 को भोपाल से गिरफ्तार किया गया है. रायपुर आने पर पुलिस की पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना है. पुलिस का कहना है कि उदयन बार-बार अपने बयान बदल रहा है.

उसने पुलिस से यह भी कहा कि दोनों ने न्यूयार्क में जाकर शादी की थी. जिस पर पुलिस को संदेह है. खबर तो यह भी है कि उदयन ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि उसने लाशों को ठिकाने लगाने का यह तरीका हॉलीवुड की फिल्म से सीखा है.

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