गवर्नर पर भूपेश का तंज

रायपुर | संवाददाता: भूपेश बघेल ने राज्यपाल पर निशाना साधा है. विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने तल्ख टिप्पणी की है. राज्यपाल की अधिक उम्र का हवाला देते हुये उन्होंने कहा, राज्यपाल न अभिभाषण पढ़ने की स्थिति में हैं, न वे चल पा रहे हैं, उन्हें भाजपा मार्गदर्शक मंडल में शामिल कर लिया जाना चाहिये. उनकी टिप्पणी पर सरकार की ओर से कृषिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल की कड़ी प्रतिक्रिया आई. उन्होंने कहा, विपक्ष को संवैधानिक पदों पर बैठे हुये व्यक्तियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिये. ऐसी टिप्पणी बेहद अशोभनीय है.

सोमवार से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र प्रारंभ हुआ है. विधानसभा सत्र की शुरुआत राज्यपाल महोदय के अभिभाषण से होती है. राज्यपाल बीडी टंडन का अभिभाषण 24 पन्नों का था परन्तु केवल 3 पैराग्राफ पढ़कर इसे 10 मिनट में ही पूरा कर लिया गया. सदन के भीतर उनके अधिक उम्र को लेकर बातचीत होती रही. इस दौरान भूपेश बघेल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर जमकर कटाक्ष किये.


वहीं विधानसभा के बाहर उन्होंने कहा कि पिछले बजट सत्र में भी राज्यपाल पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ पाये और इसे पढा हुआ मान लिया गया था. यह नई परंपरा स्थापित की जा रही है. भूपेश बघेल ने राज्यपाल के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुये कहा जो बोल नहीं पाते हैं उन्हें मार्गदर्शक मंडल में रखा गया है.

भूपेश बघेल ने राज्यपाल के अभिभाषण को प्रधानमंत्री का स्तुतिगान करार दिया. उन्होंने तंज कसा कि इसे केवल प्रधानमंत्री को खुश करने का पुलिंदा कहा.

संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल पर पलटवार करते हुये कहा कि राज्यपाल पर टिप्पणी संसदीय परंपराओँ के विपरीत है.

राज्यपाल श्री टंडन ने अपने अभिभाषण में कहा कि राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास के बेहतर काम-काज का उल्लेख किया, जिससे राज्य का गौरव बढ़ा है. इसके पूर्व भी अनेक अवसरों पर जनहितकारी योजनाओं के श्रेष्ठ अमल को लेकर विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों, राज्य सरकारों तथा अन्य विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ की सराहना की है.

श्री टंडन ने कहा- यह वर्ष देश में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म शताब्दी के रूप में मनाया जा रहा है. उनके द्वारा प्रतिपादित ‘अन्त्योदय’ को अपना लक्ष्य बनाया है और इसके अनुरूप समाज की अंतिम पंक्ति के, अंतिम व्यक्तियों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास किए हैं, जिसका लाभ न सिर्फ आम जनता को मिला, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मिला है.

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