छत्तीसगढ़: 7वें वेतनमान की मांग

रायपुर | संवाददाता: बजट में 7वें वेतनमान की घोषणा न किये जाने से सरकारी कर्मचारी गुस्से में हैं. पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में इसी हफ्ते बजट के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को 7वां वेतनमान देने की घोषणा की गई थी. तभी से छत्तीसगढ़ के कर्मचारी भी मानकर चल रहे थे कि इस बजट में उन्हें 7वें वेतनमान मिलने की घोषणा होना तय है. लेकिन बजट में इसकी घोषणा न किये जाने से वे हैरत तथा गुस्से में हैं. इसके विरोध में राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट में जमकर प्रदर्शन किया गया तथा नारे लगाये गये.

इसके अलावा राजधानी के अन्य सरकारी दफतरों में भी कर्मचारियों ने दोपहर बाद प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार किया. तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ का कहना है कि बजट में राज्य के ढाई लाख कर्मचारियों के लिये कुछ नहीं है.


गौरतलब है कि बुधवार को पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश का बजट पेश किया गया. जहां पर भी भाजपा सरकार है. मध्यप्रदेश के बजट में राज्य सरकार के कर्माचारियों को 7वां वेतनमान देने की घोषणा की गई है. उसके बाद से ही कर्मचारियों की निगाहें राज्य के बजट पर टिकी हुई थी.

मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने राज्य का बजट पेश करते हुये कहा था कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधायें प्रदान करना चाहती हैं. इसके लिये सरकारी सेवकों में संतोष और आनंद जरूरी है. इसे ध्यान में रखते हुये शासकीय सेवकों को 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान का लाभ दिये जाने का फैसला लिया गया है.

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