शराब बेचने को लेकर HC का नोटिस

बिलासपुर | संवाददाता: हाईकोर्ट ने शराब विक्रय पर सरकार को नोटिस जारी किया है.
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा शराब बेचने के निर्णय के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार अनुच्छेद 47 के तहत शराब नहीं बेच सकती है. यह याचिका इंद्रजीत छाबड़ा, सुधीर सिसोदिया और ममता शर्मा ने दायर किया है.

गौरतलब है कि 24 जनवरी को हुये छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि देशी तथा विदेशी शराब की फुटकर बिक्री सार्वजनिक उपक्रम के द्वारा की जायेगी. इस आशय का संशोधन आबकारी एक्ट में किया गया है. इस छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) अध्यादेश 2017 को अनुमोदन के लिये राज्यपाल को भेजा जायेगा.


दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि नेशनल हाइवे से लगी दुकानें सड़क से 500 मीटर के दायरे में नहीं होंगी. ऐसे में राज्य की 411 दुकानों के ठेकेदार दुकान चलाने के इच्छुक नहीं हैं. अब इन दुकानों से जो घाटा होगा, उसे पूरा करने के लिए ही कार्पोरेशन का गठन किया जा रहा है.

अध्यादेश के अनुसार देशी तथा विदेशी मदिरा दुकानों के राजस्व को सुरक्षित रखने तथा राज्य की जनता के स्वास्थ्य हित की दृष्टि से देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर विक्रय का अधिकार सार्वजनिक उपक्रम को दिया जायेगा. इसके लिये राज्य शासन के पूर्ण स्वामित्व वाली नवीन सार्वजनिक उपक्रम बनाया जायेगा.

इस पर अमल के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 18 (क) में संशोधन हेतु अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया है. अभी यह काम निजी ठेकेदार करते हैं. हालांकि ठेकेदारों को शराब उपलब्ध कराने का काम सरकारी एजेंसी बेवरेज कॉर्पोरेशन ही करती है.

बता दें कि सरकार के इस निर्णय का कांग्रेस तथा जोगी कांग्रेस दोनों विरोध कर रही हैं. कुछ स्थानों पर शराब की दुकान को बस्ती के पास खोले जाने का महिलाओँ ने जमकर विरोध किया है. यहां तक कि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत संचालक बिसराराम यादव का कहना है कि हाइवे की दुकानों को शिफ्ट करने के बजाये उन्हें बंद कर देना चाहिये.

शराब बिक्री के विरोध में रायपुर से लगे बीरगांव में महा पंचायत बुलाई गई थी जिसमें हजारों महिलाओं ने शिरकत की थी. आरंग में शराब दुकान खोलने के खिलाफ अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

इसी माह के पहले सप्ताह में अंबिकापुर के बतौली के महिलाओं ने शराब दुकान खोले जाने का जमकर विरोध किया था. उन्होंने कहा कि यदि यहां शराब की दुकान खुली तो वे फिर से खुले में शौच करने लगेंगी.

गौरतलब है कि बतौली को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है. यह वहां की महिलाओं के समर्थन के कारण ही संभव हो पाया है. अब महिलायें बतौली में शराब दुकान खोले जाने का विरोध कर रहीं है तथा उनकी बात न मानने पर सरकारी योजनाओं की बहिष्कार की बात कही थी.

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