दस साल से लंबित हैं हाईकोर्ट में हजारों मामले

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पिछले कई सालों से जजों की कमी झेल रहा है. यही कारण है कि मुकदमों में तारीख पर तारीख की परंपरा छत्तीसगढ़ में बढ़ती जा रही है. हालत ये कि हजारों की संख्या में ऐसे मामले हैं, जो पिछले दस-दस सालों से भी अधिक समय से हाईकोर्ट में लंबित पड़े हुये हैं.

आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कम से कम 7,011 मामले ऐसे हैं, जो पिछले दस सालों से भी अधिक समय से लंबित हैं. जाहिर है, जजों की कमी को इन लंबित मामलों के लिये एक महत्वपूर्ण जिम्मेवार कारक माना जा सकता है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 22 है लेकिन आज भी यहां केवल 12 जज ही कार्यरत हैं.


देश की बात करें तो देश में आज की तारीख में 10,14,354 मामले दस साल से भी अधिक समय से लंबित हैं. इनमें से 2,67,713 मामले तो अकेले इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैं. इसी तरह मुंबई हाईकोर्ट में 1,45,425, पंजाब-हरियाणा में 1,08,807, कलकत्ता में 93,251, राजस्थान में 70,412 मामले लंबित हैं.

छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 65,681, तेलंगाना-आंध्रप्रदेश में 51,585, मद्रास उच्च न्यायालय में 51,044, उड़ीसा में 39,464, पटना में 23,736, केरल में 20,218, गुजरात में 17,032, झारखंड में 15,413 मामले ऐसे हैं, जो 10 सालों से भी अधिक समय से लंबित हैं.

इसी तरह जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय में 9,344, दिल्ली में 8,880, उत्तराखंड में 6,422, कर्नाटक में 6,288, मणीपुर में 4,524, हिमाचल प्रदेश में 1,814 और गुवाहाटी उच्च न्यायालय में 286 मामले लंबित हैं.

लेकिन कुछ हाईकोर्ट ऐसे भी हैं, जहां 10 सालों से लंबित मामलों की संख्या इकाई में है. जैसे त्रिपुरा उच्च न्यायालय में ऐसे मामलों की संख्या 3 है, वहीं मेघालय उच्च न्यायालय में केवल 1 मामला ऐसा है, जो पिछले 10 सालों से भी अधिक समय से लंबित है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!