आतंकवाद-नक्सलवाद में फर्क- इंद्रेश

जगदलपुर | संवाददाता: आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा आतंकवाद व नक्सलवाद में समानतायें होने के बावजूद दोनों की तुलना नहीं की जा सकती है. बस्तर दौरे पर आये राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने जगदलपुर में संवाददाताओं से कहा आतंकी धर्म को आधार बनाकर देश को खण्डित करना चाहते हैं वहीं देशभर में फैले नक्सली अपने एजेंडे को लेकर भ्रमित हैं. नक्सली देश में अराजकता का स्थाई माहौल बनाकर सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं. उन्होंने कहा दोनों के पीछे विदेशी ताकतें हैं जो देश को मजबूत होते नहीं देखना चाहती हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव के समय संघ प्रमुख मोहन भागवत तथा पिछले दिनों संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैध द्वारा आरक्षण पर दिये बयाने पर सवाल पर उन्होंने कहा आरक्षण संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है जिसका संघ सम्मान करता है. इंद्रेश कुमार ने कहा जिन्हें आरक्षण मिलना है उन्हें निश्चित रूप से मिलता रहेगा.


धर्मातरंण पर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा संविधान ने अपना धर्म बदलने की स्वतंत्रता दी है. लेकिन लोभ व लालच देकर धर्मांतरण कराना गलत है. व्यक्ति को अपना धर्म चुनने का अधिकार है लेकिन दबाव देकर धर्मांतरण कराना उचित नहीं है.

इंद्रेश कुमार ने कहा देश में तीन तरह से बुद्धिजीवी हैं. पहले वे जो सेक्यूलर हैं तथा आतंकवाद का समर्थन करते हैं. दूसरे वे जो लेफ्टिस्ट हैं तथा नक्सलवाद का समर्थन करते हैं. तीसरे प्रकार बुद्धिजीवी राष्ट्रवादी हैं जो देश की अखंडता के लिये काम करते हैं.

राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने बस्तर के जनजातियों के संस्कृति, कला, परंपरा को विकसित किये जाने तथा उसे संरक्षण देने पर जोर दिया.

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