छत्तीसगढ़: कैशलेस, सेलिब्रेशन लेस

भिलाई | संवाददाता: कैश की कमी के चलते नये साल तथा क्रिसमस का सेलिब्रेशन फीका हो रहा है. दुर्ग-भिलाई के होटल तथा ट्रैवल एजेंसियों का धंधा पिछले साल की तुलना में 40 फीसदी से भी ज्यादा मंदा चल रहा है. लोगों का कहना है कि कैश के बिना सेलिब्रेशन कैसा. वैसे जानकारों का मानना है कि भिलाई ही क्या पूरे राज्य तथा देश की यही हालत है.

नये साल तथा क्रिसमस की छुट्टियों में लोग बच्चों के साथ सैर पर निकल जाते हैं. ट्रैवल एजेंसी वालों का कहना है कि 25 फीसदी लोग इन छुट्टियों में विदेश तथा 25 फीसदी लोग ऑफ सीजन डील के कारण हिल स्टेशनों में जाते हैं. लेकिन इस बार इसकी बुकिंग नहीं हो रही है.


दूसरी तरफ बाहर घूमने जाने वालों का कहना है कि कैश की कमी से अपने शहर में किसी तरह काम चल जाता है परन्तु इसके बिना बाहर कैसे जाया जा सकता है. आखिर घर से बाहर निकलने पर पानी से लेकर चाय तक खरीदकर पीना पड़ता है. उसके लिये कैश कहां से लाये.

छत्तीसगढ़: नोटबंदी से पर्यटन प्रभावित

गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद कैश की कमी के कारण लोग खरीददारी नहीं कर पा रहें हैं. बैंकों तथा एटीएम से दो हजार के नोट निकल रहें हैं. उस पर भी रोज नये-नये नियम बताये जाते हैं.

अब इन दो हजार के नोट से न तो पानी खरीदा जा सकता है न ही चाय पी जा सकती है और न ही टैक्सी या कुली को भुगतान किया जा सकता है.

इसी तरह से राज्य के होटलों में आने वाली भीड़ भी कम हो गई है. कुल मिलाकर होटल तथा ट्रैवल वालों का धंधा भी नोटबंदी से मंदा पड़ गया है.

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