रायपुर भवन हादसे की जांच होगी

रायपुर | संवाददाता: रायपुर भवन हादसे की दंडाधिकारी जांच होगी. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को न्यू सर्किट हाउस परिसर में निर्माणाधीन भवन ढह गई. जिसमें कई मजदूर दब गये थे. 16 घायलों को इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मुख्यमंत्री रमन सिंह अस्पताल जाकर घायलों से मिले. उन्होंने प्रत्येक घायल के इलाज के लिये 25-25 हजार रूपये की तात्कालिक सहायता की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि इस दुर्घटना की दण्डाधिकारी जांच कराई जायेगी, साथ ही लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों का दल भी हादसे की जांच करेगा. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जांच में दोषी पाये जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.


मुख्यमंत्री ने इस हादसे को ध्यान में रखकर प्रदेश में चल रहे सभी निर्माण कार्यों में अधिकारियों को मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिये हैं. डॉ. सिंह ने कहा है कि इस प्रकार के निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को हेलमेट आदि बचाव के सभी जरूरी उपकरण दिये जाने चाहिये. साथ ही भवन निर्माण में तकनीकी सुरक्षा नियमों का भी पालन सुनिश्चित होना चाहिये.

गौरतलब है कि रायपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में न्यू सर्किट हाउस परिसर में बन रये नये भवन का छत गुरुवार दोपहर के तीन बजे के करीब भर भराकर गिर गया. जिसमें 16 के मजदूर दब गये थे. दमकल तथा बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया है.

देर शाम तक मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने अस्पताल में सभी 15 घायल श्रमिकों को उनके इलाज के लिये 25-25 हजार रूपए की सहायता राशि का वितरण शुरू कर दिया गया.

रायपुर के अनुविभागीय दण्डाधिकारी आर.बी. देवांगन को जांच अधिकारी नियुक्त किया है. उन्हें जांच रिपोर्ट 45 दिनों में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं. दण्डाधिकारी जांच के आदेश में कहा गया है कि गुरुवार अपरान्ह 3.30 बजे न्यू सर्किट हाउस रायपुर के परिसर में निर्माणाधीन कन्वेनशन हॉल की छत ढलाई के दौरान यह दुर्घटना हुई.

आदेश में इसके कारणों की जांच के लिए बिन्दु भी तय कर दिये गये हैं, जो इस प्रकार हैं:

(1) किन परिस्थितियों में निर्माणाधीन कन्वेनशन हॉल की छत ढलाई के दौरान गिरी ?
(2) छत गिरने के क्या कारण है ?
(3) छत गिरने के लिए कौन जिम्मेदार हैं ?
(4) निर्माण के दौरान निर्धारित मापदण्डों का पालन किया जा रहा था या नहीं ?
(5) अन्य बिन्दु, जो जांच अधिकारी उचित समझें.

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