प्रकृति की किडनी हैं तालाब- रमन सिंह

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने लोगों से तालाबों को बचाने का आव्हान् किया है. उन्होंने अपने मासिक रेडियों कार्यक्रम ‘रमन के गोठ’ में लोगों से अपील की कि तालाब प्रक-ति की किडनी के समान है इसे बचाये रखना चाहिये. मुख्यमंत्री ने कहा- छत्तीसगढ़ में तालाबों की अपनी एक विशेष संस्कृति है. इसका ऐतिहासिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व भी है जो स्थानीय आबादी की आस्था के साथ-साथ उसकी आजीविका से भी जुड़ता है. तालाबों की वजह से भू-जल स्तर बना रहता है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि तालाबों के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने वेटलैण्ड प्राधिकरण का गठन किया गया है और हम राज्य के वेटलैण्ड नीति बनाने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी.के. मरोठिया द्वारा तालाबों के संरक्षण और वेटलैण्ड के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की.


डॉ. रमन सिंह ने कहा- वेटलैण्ड का मतलब उस जमीन से है, जो तालाबों के विस्तार में लम्बे समय तक पानी में डुबी हुई हो. इस वजह से ऐसी जमीन की पहचान अलग से होती है. मुख्यमंत्री ने डॉ. डी.के. मरोठिया और उनकी टीम का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा रतनपुर, दलपतसागर और कुटुम्बसर (बस्तर) की अद्भुत जलीय संरचनाओं को विश्व प्रसिद्ध ‘रामसर-साईट’ में जगह दिलाने की कोशिश की जा रही है, जो ऐतिहासिक महत्व के स्थानों को विश्व स्तरीय मान्यता दिलाती है.

मुख्यमंत्री ने कहा- रतनपुर में 160 तालाबों की प्रणाली है, जो उसे लेकसिटी के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता दिला सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक स्थान पर ऐसी अद्भुत संरचना दुनिया में केवल दो स्थानों पर है, इनमें से एक चीन में है और दूसरा हमारे छत्तीसगढ़ के रतनपुर में है.

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों के साथ-साथ प्रदेश के सामाजिक संगठनों और प्रत्येक जागरूक नागरिक से अपील की है कि वे जहां कहीं भी हों, वहां जलाशयों को सुरक्षित रखने में योगदान करें. जलाशयों के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए. वहां सौर ऊर्जा से रौशनी की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा- वैसे भी गर्मी का मौसम नजदीक है, जिससे हमें जलाशयों की आवश्यकता का ज्यादा एहसास होता है. हमें यह काम एक निश्चित कार्ययोजना बनाकर करना चाहिए, ताकि इसका फायदा किसी एक मौसम में नही, बल्कि साल भर मिल सके.

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