राजधानी रायपुर में लूट-डकैती बढ़ी

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी में लूट-डकैती बढ़ी हैं. छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा पेश आकड़ों के अनुसार रायपुर में साल 2015 की तुलना में लूट के मामलो में 22 फीसदी तथा डकैती के मामलों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, हत्या के मामले 21 फीसदी कम हुये हैं जो राहत की बात है. देशभर में सक्रिय पेशेवर गिरोहों ने अपनी सूची में रायपुर को मोस्ट वांटेड शहर बना लिया है. छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा रायपुर रेंज के पांच जिलों में अपराध की समीक्षा रिपोर्ट से यह बात सामने आई है. रायपुर के आईजीपी प्रदीप गुप्ता ने प्रेसवार्ता में वार्षिक रिपोर्ट पेश की.

जिसके अऩुसार रायपुर में साल 2015 में लूट की घटनायें 56 हुई थी जो 2016 में बढ़कर 72 हो गई. इसी तरह से डकैती के मामले 3 से बढ़कर 6 हो गये. हत्या के मामले 2015 के 73 से कम होकर 57 हो गये, नकबजनी के मामले 480 से घटकर 429 हो गये तथा चोरी की वारदात भी 1324 से घटकर 1156 हो गये.


इसी तरह एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ बनने के बाद से रेप एवं अपहरण के मामले बढ़े हैं. खासकर पिछले 5 सालों में रेप के मामलों में 54 फीसदी तथा अपहरण के मामलों में 341 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आकड़ें चौंकाने वाले जरूर हैं पर हैं सरकारी ही तथा केन्द्र सरकार द्वारा जारी किये गये हैं. इसमें दिलासा देने वाली बात यह है कि पिछले 5 सालों में हत्या के मामलों में 16 फीसदी की कमी आई है.

छत्तीसगढ़ बनने के बाद से 15 सालों में रेप के मामलों में 62.66 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह से छत्तीसगढ़ बनने के बाद से 15 सालों में राज्य में अपहरण के मामलों में 906.28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसे महज जनसंख्या वृद्धि के साथ नहीं जोड़ा सकता. छत्तीसगढ़ में साल 2001 की तुलना में साल 2011 में जनसंख्या वृद्धि की दशकीय दर 22.59 फीसदी रही है.

छत्तीसगढ़ में साल 2001 में रेप के 959 मामले दर्ज किये गये जबकि साल 2011 में 1012 मामले दर्ज हुये. इस तरह से रेप के मामलों में राज्य में दशकीय वृद्धि की दर 5.52 फीसदी रही लेकिन साल 2015 में रेप के 1560 मामलें दर्ज किये गये. इस तरह से पिछले 5 सालों में ही रेप की घटनाओं में 54.15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

इसी तरह से साल 2001 में अपहरण के 207 मामलें दर्ज हुये थे तो साल 2011 में बढ़कर 472 हो गये. अर्थात् 10 साल में अपहरण के मामलें बढ़कर 128 फीसदी हो गये. जबकि अपहरण के मामलें में साल 2011 तथा 2015 की तुलना करने पर निष्कर्ष निकलता है कि इसमें 341.31 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

इसी तरह से राज्य बनने के 10 सालों में हत्या के मामलें में 26.13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं पिछले 5 सालों में हत्या के मामलों में 16 फीसदी की कमी आई है.

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