नये बजट में कृषि और स्वास्थ्य पर ज़ोर

आर्थिक स्थिति
11. अध्यक्ष महोदय, अब मैं राज्य की आर्थिक स्थिति का ब्यौरा सदन के सामने प्रस्तुत करता हूँ. राज्य के विगत वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार स्थिर दर पर वर्ष 2018-19 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 6.08 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान किया गया था किन्तु अद्यतन प्रस्तुत त्वरित अनुमान के अनुसार 7.06 प्रतिशत की वृद्धि संभावित है. मंदी के राष्ट्रीय आंकडों के बीच यह वृद्धि राज्य के लिये एक सुखद संकेत है.
12. वर्ष 2019-20 में स्थिर भाव पर राज्य में कृषि क्षेत्र में 3.31 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 4.94 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है. इस प्रकार कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में राज्य की अनुमानित वृद्धि दर राष्ट्रीय स्तर पर इन क्षेत्रों में अनुमानित वृद्धि दर क्रमशः 2.8 एवं 2.5 प्रतिशत की तुलना में अधिक है.
13. प्रचलित भाव पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2018-19 में 3 लाख 04 हजार करोड़ से बढ़कर वर्ष 2019-20 में 3 लाख 29 हजार करोड़ होना अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.26 प्रतिशत अधिक है.
14. विगत वर्ष अनुमानित प्रति व्यक्ति आय 96 हजार 887 की तुलना में वर्ष 2019-20 में प्रति व्यक्ति आय 98 हजार 281 रूपये का अनुमान है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 6.35 प्रतिशत अधिक है.

15. वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट में राज्य के लिये अनुमानित केन्द्रीय करों में कमी आयी है. आगामी वर्ष में केन्द्र से प्राप्त होने वाली जीएसटी क्षतिपूर्ति में भी कमी संभावित है. इससे राज्य के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है किन्तु संतोष का विषय यह है कि राज्य सरकार की नीतियों एवं प्रयासों से राज्य के स्वयं के संसाधन 11 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं.
गढ़बो नवा छत्तीसगढ़: नयी पीढ़ी का निर्माण
16. अध्यक्ष महोदय, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि यह बजट स्वस्थ और सुपोषित नयी युवा पीढ़ी के निर्माण को समर्पित है. नयी युवा पीढ़ी पर केन्द्रित इस बजट के कुछ महत्पूर्ण प्रावधानों की जानकारी देना चाहता हूँ:-
16.1 राज्य के सभी परिवारों को सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सम्मिलित किया जा चुका है.
16.2 राज्य में 65 लाख 22 हजार राशन कार्डधारी हैं तथा लाभान्वित जनसंख्या 2 करोड़ 43 लाख है. इन राशन कार्डों पर चावल प्रदाय के लिये 3 हजार 410 करोड़ का प्रावधान है.
16.3 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों में प्रति परिवार 2 किलो चना वितरण के लिए 171 करोड़ का प्रावधान है. बस्तर संभाग में प्रति परिवार 2 किलो गुड़ वितरण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है.
16.4 कोण्डागांव में आयरन एवं विटामिन युक्त फोर्टिफाईड चावल वितरण की पायलट परियोजना शुरू करने के लिये 5 करोड़ 80 लाख का नवीन मद में प्रावधान है.
16.5 02 अक्टूबर 2019 से राज्य में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया गया है. इसके तहत महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण एवं एनीमिया की पहचान एवं निदान का कार्य किया जा रहा है. चिन्हित हितग्राहियों के लिये गरम भोजन एवं अतिरिक्त पोषण आहार की व्यवस्था की जाती है. अबतक लगभग 4 लाख हितग्राही अभियान से लाभान्वित हो चुके हैं.
16.6 मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रति हितग्राहियों की रूचि एवं सफलता को देखते हुए कुपोषण एवं एनीमिया को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना प्रारंभ की जा रही है. इसके लिए 60 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान है.
16.7 आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिये ऊंचाई, लंबाई एवं भार मापक यंत्रों की व्यवस्था की जाकर पोषण के स्तर में सुधार की सतत निगरानी की जायेगी. इसके लिए नवीन मद में 25 करोड़ का प्रावधान है.


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