नये बजट में कृषि और स्वास्थ्य पर ज़ोर

वन संपदा
69. राज्य में वन तथा वनेत्तर क्षेत्र में वन आवरण वृद्धि करते हुए पर्यावरण एवं वनोपज आधारित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है.
70. प्राकृतिक पुनरोत्पादन की कार्य योजना के आधार पर वनों के विदोहन की अनुमति प्राप्त होती है. इस योजना में 200 करोड़ का प्रावधान है. इससे 60 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन होगा तथा राज्य की सालाना आय में 400 करोड़ की वृद्धि संभावित है.
71. लघु वनोपज के प्रसंस्करण हेतु 50 करोड़ का प्रावधान है. इसके अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज संग्रहण तथा हाट-बाजार उन्नयन एवं गोदाम निर्माण के कार्य किये जाएंगे. इसका लाभ स्थानीय ग्रामीणों को प्राप्त होगा.
72. राज्य में उद्योग तथा व्यापार के लिये प्रतिस्पर्धात्मक दर पर काष्ठ की पर्याप्त उपलब्धता के प्रयास किये जा रहे हैं. इसके तहत किसानों की निजी भूमि पर वृक्ष लगाने, काटने तथा परिवहन की प्रक्रिया को सरल करने का भी प्रयास किया गया है.
73. छत्तीसगढ़ अभिवहन वनोपज में संशोधन कर वृक्षों की कुछ प्रजातियों को चयनित 9 जिलों में तथा कुछ प्रजातियों को समस्त जिलों में अभिवहन पास से मुक्त किया गया है.

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गाें का कल्याण
74. अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों के लिये 61 नये छात्रावास खोलना प्रस्तावित है. नये छात्रावास खोलने सहित कुल छात्रावास/आश्रमों के संचालन के लिये 378 करोड़ का प्रावधान है.
75. नवीन मद में 100 भवन विहीन छात्रावास/आश्रमों के भवन निर्माण सहित कुल छात्रावास/आश्रम निर्माण कार्यों के लिये विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना में 303 करोड़ का प्रावधान है.
76. जनजाति सलाहकार परिषद् के कामकाज के लिये पृथक सचिवालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है.
77. बहुरंगी और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को नजदीक से जानने एवं समझने का सशक्त मंच देने के उद्देश्य से देश के सबसे बड़े आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन 27 से 29 दिसंबर 2019 तक राजधानी रायपुर में किया गया. इसमें आसाम से अंडमान तक और अरूणाचल से गुजरात तक के 24 राज्य और केन्द्रशासित प्रदेशों के आदिवासियों ने भाग लिया. साथ ही, थाईलैण्ड, युगांडा, बेलारूस, मालदीव और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के भी आदिवासी कलाकारों की प्रतिभागिता रही. आयोजन की सफलता को देखते हुए आदिवासी अस्मिता एवं संस्कृति के उत्कर्ष के लिये प्रतिवर्ष राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जायेगा.
78. राज्य में निवासरत अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी सामाजिक आर्थिक स्थिति के अनुरूप विकास योजनाओं में लाभ दिलाने के लिये समुचित आंकड़े तैयार करने हेतु इन वर्गाें का सर्वेक्षण करने के लिये सेवानिवृत्त जिला एवं सेशन जज की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है.
79. नक्सल प्रभावित जिलों के भ्रमण में मैंने देखा है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति भी कमोबेश आदिवासी परिवारों के समान ही है. अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान निःशुल्क आवासीय सुविधा के लिये 10 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों की स्थापना की जायेगी.
80. सरगुजा एवं बस्तर संभाग एवं कोरबा जिले के लिये जिला संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिये विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन किया गया है.


शिल्प, कला, संस्कृति एवं पर्यटन
81. छत्तीसगढ़ी कृषि एवं हस्तशिल्प उत्पादों के लिये पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रेता विक्रेता सम्मेलन के आयोजन ने राज्य के हजारों परिवारों के लिये आजीविका के नये रास्ते खोल दिये हैं.
82. छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की पहचान का केन्द्र बन चुके रायपुर के गढ़-कलेवा की अन्य 27 जिला मुख्यालयों में स्थापना के लिये स्व-सहायता समूहों को 10 लाख का रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराया जायेगा.
83. मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना शुरू की जायेगी. इसके अंतर्गत परंपरागत नृत्य, गायन, रंगमंच एवं लेखन कार्य के लिये समर्पित लोक कलाकारों एवं उनके आश्रितों को पेंशन, छात्रवृत्ति, वाद्य यंत्र क्रय तथा लोक महोत्सव के आयोजन हेतु आर्थिक सहायता दी जायेगी. इस हेतु 25 करोड़ का प्रावधान है.
84. राज्य की समृद्ध विरासत को संजोने-संवारने तथा पुरालेख सामग्रियों के प्रदर्शन हेतु नवा रायपुर में अभिलेखागार एवं संग्रहालय का निर्माण तथा जगदलपुर एवं बिलासपुर के संग्रहालयों का उन्नयन किया जायेगा.
85. राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये विभाग के बजट में 75 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इस वर्ष 103 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है.
86. राज्य के पर्यटन केन्द्रों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के लिये निजी निवेशकों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से पर्यटन प्रोत्साहन एवं अनुदान योजना तैयार की गई है.
87. राम वन गमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत वनवास के दौरान
श्रीराम.जानकी द्वारा उपयोग किये गये मार्ग पर स्थित 9 पर्यटन केन्द्रों पर अधोसंरचना विकास एवं निर्माण कार्यों के लिये 10 करोड़ का प्रावधान है.

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