शराब दुकान: कर्मचारी आउटसोर्सिंग से

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार की शराब दुकान दिल्ली, भोपाल व पुणे की कंपनियां चलायेंगी. 1 अप्रैल 2017 से छत्तीसगढ़ में देशी एवं विदेशी शराब सरकार की निगम चलायेगी लेकिन इसके लिये कर्मचारी मुहैय्या करायेगी दिल्ली, भोपाल और पुणे की कंपनियां. छत्तीसगढ़ के 713 शराब दुकानों के लिये करीब 6 हजार कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी. कर्मचारी उपलब्ध करवाने के लिये टेंडर बुलाकर कंपनियों का चयन कर लिया गया है.

दिल्ली की ईगल हंटर कंपनी रायपुर, बिलासपुर एवं मुंगेली के लिये कर्मचारी उपलब्ध करवायेगी.


भोपाल की प्राइम वन कंपनी दुर्ग, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, कोरबा, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, रायगढ़, बालोद एवं कबीरधाम जिले की शराब दुकानों के लिये कर्मचारी उपलब्ध करवायेगी.

इसी तरह से बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, गरियाबंद, महासमुंद, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर तथा धमतरी जिले के लिये पुणे की सुमित कंपनी को टेंडर मिला है.

शराब दुकान के लिये कर्मचारी उपलब्ध करवाने वाली कंपनियों को श्रम कानून का पालन करना होगा. सुपरवाइजर को 15600 रुपये, सेल्समैन को 10600 रुपये, सिक्युरिटी गार्ड तथा मल्टीपर्पस कर्मचारियों को 8400 रुपये मासिक की दर से वेतन देना होगा.

इसके अलावा कंपनियां 13 फीसदी ईपीएफ एवं 3 फीसदी ईएसआईसी के भी जमा करायेगी जिससे स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सकेगा.

इन शराब दुकानों के लिये देशी शराब छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, वेलकम डिस्टीलरी तथा भाटिया डिस्टीलरी से खरीदी जायेगी. विदेशी शराब 34 कंपनियों से खरीदी जायेगी.

बताया जा रहा है कि जानीवाकर शराब के लिये किसी ने टेंडर नहीं भरा था इसलिये फिलहाल यह शराब छत्तीसगढ़ के दुकानों में नहीं मिलेंगी.

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