मोदी राज में बढ़ी कांग्रेस

नई दिल्ली | संवाददाता: ‘मोदी राज’ में कांग्रेस मुक्त भारत का दावा तथ्यों के विपरीत हैं. ‘मोदी लहर’ के कारण 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जहां पर पहुंच गई थी ‘मोदी राज’ में उसकी स्थिति सुधरी है. जरूरत है बस आंकड़ों पर गंभीरता से गौर करने की. मुख्य धारा की मीडिया जहां केवल हालिया हालात को लेकर नतीजे पर पहुंचती हैं वहीं कई संस्थायें इन आंकड़ों की तुलना पुराने आंकड़ों से करती है. कुल मिलाकर मामला नजरिये का है कि आप केवल पके हुये आम गिनते हैं या इसकी तुलना पिछले साल हुये आमों से करते हैं.

इंडिया स्पेंड ने एक आंकड़ा जारी किया है. उसके अनुसार 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 1544 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा (लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत) और महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तर प्रदेश और पंजाब राज्यों में उसे 194 पर ही जीत मिल सकी यानी उसकी सफलता 13 फीसदी का रहा है.


जबकि लोकसभा चुनाव के बाद जब इन्हीं 10 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुये तो कांग्रेस ने 1032 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और इनमें से उसके 258 उम्मीदवार जीत भी गये, यानी उसकी सफलता 13 फीसदी से बढ़कर 25 फीसदी की हो गई. सिर्फ सीटों की संख्या ही दोगुनी नहीं हुई वरन् 2014 में इन राज्यों में जहां उसे 20 फीसदी वोट मिले तो विधानसभा चुनावों में 30 फीसदी वोट लेकर वो अपना प्रदर्शन सुधारने में सफल रही है.

जहां तक वोट शेयर की बात करें तो कांग्रेस ने बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पंजाब में लोकसभा चुनाव की तुलना में ज्यादा वोट हासिल किये हैं. तो क्या इसका अर्थ यह निकाला जाये कि ‘मोदी राज’ में ‘मोदी लहर’ कमजोर पड़ गई है.

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