बीमार सीआरपीएफ जवान हटाये जायेंगे?

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के 894 बीमार जवानों को नक्सल प्रभावित इलाकों से हटाया जा सकता है. हालांकि सीआरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि ऐसे जवानों को हटाने के बजाये सुरक्षित कार्यों में भी लगाया जा सकता है.

इस बीच सीआरपीएफ मुख्यालय में प्रशासन के आईजी एमएस भाटिया ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के आईजी जीएसपी राजू ने ऐसे जवानों को विशेष भत्ता रोकने की सिफारिश की थी. इस पर सीआरपीएफ मुख्यालय समीक्षा कर रहा है.


आईजी एमएस भाटिया का कहना है कि ऐसे जवान, जिन्हें लो मेडिकल केटेगरी में रखा गया है, वे किसी ऑपरेशन में भाग नहीं लेते. ऐसे में वे सुरक्षित कैंपों में रहते हैं और उन्हें ऑपरेशन पर जाने वाले जवानों की तुलना में कम ही खतरा होता है.

भाटिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आईजी ने ऐसे बीमार लोगों को नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात किये जाने को लेकर ही सवाल खड़े किये हैं. सीआरपीएफ मुख्यालय फिलहाल इस मामले की समीक्षा कर रहा है.

गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात कर्मचारियों को वेतन के अतिरिक्त 17,300 रुपये तक और अधिकारियों को लगभग 25,000 रुपये तक विशेष भत्ता मिलता है.

पिछले महीने छत्तीसगढ़ जोन के सीआरपीएफ के आईजी जीएचपी राजू की ओर से सभी बटालियनों को भेजे पत्र में कहा गया है कि इन बटालियनों में तैनात इन 894 जवानों को मिलने वाले हाई रिस्क अलाउंस को फौरन रोक दिया जाए, क्योंकि ये जवान यहां ड्यूटी देने योग्य ही नहीं हैं.

आईजी ने अपने पत्र में कहा कि यह इलाका हाई कॉन्फ्लिक्ट जोन में आता है, इसलिए यहां बेहतर शारीरिक क्षमता वाले जवानों की जरूरत होती है. लेकिन ये जवान निम्न मेडिकल वर्ग में आते हैं. ऐसे में इन नक्सल प्रभावित इलाकों में अक्सर चलने वाले अभियानों को ये जवान प्रभावित करेंगे और कमांडेंट पर इनका भार पड़ेगा.

आईजी ने अपने पत्र में कहा कि इन क्षेत्रों में तत्काल नोटिस पर ऑपरेशन के लिए तैयार रहना पड़ता है और ये 894 जवान अब किसी तरह का रिस्क लेने लायक नहीं हैं.

PHOTO: FILE PHOTO | CRPF

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