शाह के चतुर बनिया पर सोशल मीडिया में बवाल

रायपुर | संवाददाता: गांधी को चतुर बनिया बताने के अमित शाह की बयान की चौतरफा निंदा हो रही है. सोशल मीडिया में अमित शाह द्वारा कांग्रेस को क्लब बताये जाने को लेकर भी लोग नाराज हैं.

अमित शाह ने रायपुर में कहा था कि गांधी चतुर बनिया था.गांधी को मालूम था कि कांग्रेस का आगे क्या हश्र होने वाला है, इसलिये ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भंग करने की बात कही थी. शाह ने अपने भाषण में कहा था कि “कांग्रेस एक विचारधारा के आधार पर , एक सिद्धांत के आधार पर , किसी एक सिद्धांत को लेकर बनी हुई पार्टी ही नहीं है. और इसी लिये महात्मा गांधी ने तुरंत इसी के साथ… बहुत चतुर बनिया था वो. उसको मालूम था, आगे क्या होने वाला है. उसने आज़ादी के बाद तुरंत कहा था-कांग्रेस को बिखेर देना चाहिये.”


कांग्रेस की आलोचना करते हुये उन्होंने कहा था कि किसी अंग्रेज ने कांग्रेस का गठन एक क्लब के तौर पर किया गया था. बाद में उससे अलग-अलग विचारधाराओं के लोग जुड़ते चले गये ताकि आज़ादी के आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सके. यह आज़ादी प्राप्त करने का एक स्पेशल पर्पज व्हीकल मात्र था. उनके पास सरकार चलाने का कोई सिद्धांत भी नहीं था. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इसलिये आज़ादी के बाद कांग्रेस का औचित्य खत्म हो गया.

उनके बयान को लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट किया है-मैं जब भी निराश होता हूं, मैं याद करता हूं इतिहास में हमेशा सच और प्यार की जीत हुई है. अत्याचारी और हत्यारे हुए और कुछ वक़्त के लिए वो अजय भी जान पड़े, लेकिन अंत में उनका ख़ात्मा हो ही गया…ये बात हमेशा याद रखिए.

इसी तरह कांग्रेस पार्टी के अकाउंट से ट्वीट करते हुये कहा गया है कि भाजपा और आरएसएस का सच जानिए. जब कांग्रेस के नेता आज़ादी के लिए लड़ रहे थे तब आरएसएस ब्रिटिश राज का समर्थन कर रहा था.

बीबीसी पर वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी ने एक लेख में लिखा-विडंबना है कि विचारों, नीतियों और विचारधारा को सड़क-छाप ने पीछे छोड़ दिया है. मुख्यधारा का मीडिया सोशल मीडिया के पीछे-पीछे चलने लगा है. उसे हर रोज कुछ न कुछ सनसनीखेज चाहिए. सनसनी की इस हवा में ‘महात्मा गांधी’ का ‘चतुर बनिया’ में रूपांतरण किसी को परेशान नहीं करता. और यह सच है.

सोशल मीडिया में एक वायरल हुआ संदेश इस प्रकार था-मुंह उपर कर थूकने की भाजपा नेताओं की आदत गई नहीं. अमित शाह उसी परंपरा का पालन कर रहे हैं.

कुछ लोगों ने इस पोस्ट को कई जगह शेयर किया-चतुर बनिया होना बुरा नहीं है लेकिन तड़ी पार होना बुरा है अमित शाह.

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