युद्ध हल नहीं-इमरान

नई दिल्ली | संवाददाता: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि युद्ध किसी मसले का हल नहीं हो सकता. उन्होंने कहा है कि कोई भी धर्म किसी दूसरे धर्म के लोगों पर अत्याचार की इजाजत नहीं देता और हिंदू धर्म भी ऐसा ही है. वे लाहौर में एक आयोजन में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा, “जब मैं पहली बार क्रिकेट खेलने हिंदुस्तान गया तो एक अलग किस्म का मुल्क पाया. वहां हमें खूब इज़्ज़त मिली, प्यार मिला. ये देखकर हम हैरान हो गए कि हम इतनी नफ़रतें और ख़ौफ़नाक चीज़ें सुनते आ रहे थे. हिंदुस्तान जिसे हम दुश्मनों का मुल्क समझते थे, वहां हमें इतनी इज़्जत मिली इतने दोस्त बने. आज भी मेरे कई दोस्त हैं.”


इमरान खान ने कहा कि “पहले ही दिन मैंने हिंदुस्तान को संदेश दिया कि आप हमारी तरफ़ एक क़दम बढ़ाएंगे तो हम दो क़दम बढ़ाएंगे. नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर बात करते हुए मैंने कहा कि दोनों मुल्कों में एक जैसे मसले हैं. ग़रीबी है, बेरोज़गारी है और बहुत बड़ा मसला है जलवायु परिवर्तन.”

उन्होंने कहा- “जैसे कोई सुपर पावर देश किसी ग़रीब मुल्क को कहे कि पहले आप ये करें तब हम आगे चलेंगे. मैं बड़ा हैरान था क्योंकि मेरे दिमाग़ में ही नहीं है कि जंग से कोई भी मसला हल किया जा सकता है. जो भी जंग से मसले हल करने की कोशिश करता है उसमें अक्ल ही नहीं हैं, उसने दुनिया का इतिहास ही नहीं पढ़ा है. आप जंग से एक मसला हल करते हो, चार और मसले निकल कर आ जाते हैं.”

उन्होंने कहा, “भारत ने कश्मीर में 27 दिनों से कर्फ्यू लगाया हुआ है और 80 लाख लोगों को बंद किया हुआ है. बेचारे मरीज़ों और बच्चों का क्या हो रहा होगा. जिसे अंदर इंसानियत होगी वो ऐसा कर सकता है? कोई भी धर्म इसकी इजाज़त देता है? आप हिंदूवाद पढ़ लें. हिंदूवाद इज़ाजत देता है ऐसा करने की? आप तब ऐसा करते हैं जब आप समझते हैं कि दूसरे धर्म के लोग बराबर के इंसान नहीं है.”

इमरान खान ने कहा कि “यह संभव नहीं था कि आतंकवादियों के बीच संपर्क काट दिया जाए तो इससे आम लोगों की ज़िंदगी प्रभावित न हो. ऐसा कैसे संभव है कि मैं आतंकवादियों और उनके आकाओं के बीच संचार के साधन काट दूं लेकिन दूसरे लोगों के लिए इंटरनेट जारी रखूं? मैं ये तरीक़ा जानना चाहूंगा.”

उन्होंने कहा, “मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि बीजेपी की ये हुकूमत उस नज़रिए पर चल रही है, जिस वजह से पाकिस्तान बना था. मैं हिंदुस्तान को बहुत अच्छे से जानता हूं. मैं कितनी दफे जाता था. वहां मेरे कितने दोस्त हैं ,वहां लेकिन जिस तरह ये आरएसएस हिंदुस्तान को लेकर जा रही है, इसके अंदर किसी की जगह नहीं हैं.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!