JNU छात्र लापता, रोष, घेराव, तनाव

नई दिल्‍ली | समाचार डेस्क: JNU में झड़प के बाद पांच दिनों से छात्र लापता है. जिसके कारण बुधवार को JNU कैंपस में छात्रों के बीच रोष व तनाव व्याप्त है. इसी के चलते छात्रों ने प्रशासनिक-भवन के सामने विरोध-प्रदर्शन करके घेराव जारी रखा है. JNU कैंपस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति का इंतजार कर रहा है. मामलें के गर्माने के बाद गृहमंत्री ने दिल्ली के पुलिस पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात की है.

कारण तथा स्थिति
JUN कैंपस के माही-मांडवी हॉस्टल में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात को स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के छात्र नजीब अहमद के साथ कथित तौर पर ABVP के छात्रों के ने हिंसा की थी. उसके बाद से शनिवार से छात्र नजीब अहमद लापता है. वामपंथी छात्रसंघ का आरोप है कि JNU प्रशासन प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर रहा है. दिल्ली पुलिस ने लापता छात्र का पता बताने वाले के लिये पचास हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. उधर, वाम समर्थित JNSSU और ABVP एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. अभिभावकों से मिली शिकायत के बाद वसंत कुंज उत्तर थाना में बुधवार एक व्यक्ति के अपहरण और गलत तरीके से कैद कर रखने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई. नजीब यूपी के बदायूं का रहने वाला है.


बयान तथा पक्ष
JNUSU के अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा, “नजीब अहमद के मामले से असंवेदनशील तरीके से निपटने की वजह से नाकेबंदी की गई है. एबीवीपी द्वारा नजीब अहमद के खिलाफ हिंसा जिसकी वजह से वह पांच दिन पहले परिसर से लापता हुआ और जेएनयू प्रशासन के प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर अपराधियों को बचाने का प्रयास करने की वजह से नाकेबंदी की गई है”.

JNU के वीसी एम जगदीश कुमार ने कहा, ”हम इमारत के भीतर दिन में 2.30 बजे से बंद हैं. हमारे साथ एक महिला सहकर्मी भी हैं जो अस्वस्थ हो गईं हैं क्योंकि उनको मधुमेह है.” उन्होंने आगे कहा, ”प्रदर्शन कर रहे छात्रों को यह समझना चाहिये कि इस तरह अपने शिक्षकों को बंधक बनाना उचित नहीं है. इससे अपना जेएनयू प्रभावित होगा. हम लोगों ने 2:20 मिनट पर एडमिन बिल्डिंग से बाहर निकलने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने हमें ऐसा नहीं करने दिया.”

कुमार ने कहा, “लेकिन हम उसकी सुरक्षा के बारे में भी वाकई चिंतित हैं और पुलिस के साथ नियमित संपर्क में हैं और जो भी जरूरत है वो सूचना प्रदान कर रहे हैं. हमने नजीब अहमद से भी अपील की है कि अगर वह इसे पढ़ रहा है तो विश्वविद्यालय लौट आये. हम उसे सभी तरह की मदद का आश्वासन देते हैं”. परिसर से अहमद के लापता होने के प्रकरण में अब तक कोई सुराग नहीं मिलने के तथ्य को स्वीकार करते हुए कुमार ने कहा, ‘अब तक कोई भी नहीं जानता है कि उसे क्या हुआ है’.

JNU छात्र संघ के अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा, ”हमने जेएनयू के प्रशासनिक भवन में किसी को अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया. बिजली और दूसरी सभी तरह की आपूर्ति है. हमने भीतर खाना भेजा है.”

DELHI POLICE का कहना है कि उन्‍हें अभी तक आधिकारिक तौर पर जेएनयू की तरफ से विश्वविद्यालय के अंदर जाने को लेकर कोई अनुरोध नहीं मिला है. इस मसले पर प्रशासनिक अधिकारी और छात्रों के बीच बातचीत भी चल रही हैं.

मां फ़ातिमा नसीर ने BBC को बताया, मेरा बच्चा मुझे चाहिए. मेरी हालत बहुत ख़राब है. मैं तो बात करने की स्थिति में भी नहीं हूँ. मेरा बच्चा बहुत नेक, भोला, शरीफ़ और सीधा है और उसे पढ़ाई के अलावा किसी बात से कोई मतलब नहीं है. मैंने सोमवार को पुलिस को शिकायत तो दी है लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. परसों के अलावा पुलिस ने मुझसे कोई बात भी नहीं की है. उन्होंने सिर्फ़ मेरा बयान दर्ज किया है.

लापता छात्र नजीब की मां ने BBC से कहा, मेरी अपने बेटे से आख़िरी बार बात शनिवार को हुई थी, लगभग सुबह 11 बजे. उसने अस्पताल से मुझे फ़ोन करके बताया था कि उसे सफ़दरजंग अस्पताल मेडिकल जाँच कराने के लिए लाया गया है.

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