नोटबंदी बड़ा घोटाला- केजरीवाल

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: केजरीवाल ने नोटबंदी को ‘बड़ा घोटाला’ कहा है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने दोस्तों को नोटबंदी को लेकर पहले से ही आगाह कर दिया था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि नोटबंदी के नाम पर देश में ‘बड़े घोटाले’ को अंजाम दिया गया. सरकार ने कुछ लोगों को पहले ही आगाह कर दिया था.


उन्होंने अपने दावे को सही साबित करने के लिए कहा कि भाजपा की पंजाब शाखा के अध्यक्ष संजीव कम्बोज मोदी की घोषणा से कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर 2,000 रुपये के नए नोटों के साथ दिखे थे.

केजरीवाल ने केंद्र के इस फैसले को ‘काला बाजारी करने वाले लोगों’ की बजाय आम आदमी की ‘छोटी बचत’ पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बताया.

केजरीवाल ने कहा, “ये मोदी जी का सर्जिकल स्ट्राइक काले धन के ऊपर नहीं, आम जनता के बरसों से जोड़े हुए सेविंग्स पर स्ट्राइक्स है. ये जो अफरा-तफरी मची है, उससे किसी कालेधन का पता नहीं चलने वाला. इससे काले धन की बस जगह बदल जायेगी.”

|| केजरीवाल कहा, “पिछले तीन महीनों के बैंकों में हजारों करोड़ रुपये जमा कराये गये. बैंक में जमा कराई गई इतनी बड़ी रकम से शक पैदा होता है.” ||

केजरीवाल ने कहा, पिछली तिमाही से पहले बैंक जमा निगेटिव में था, उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई. लेकिन फिर यह अचानक से बढ़ गया. ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा कैसे हुआ. उन्होंने साथ ही एक समाचार चैनल की रिपोर्ट दिखायी जिसमें जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंकों में पैसे जमा करने में तेजी आने का दावा किया गया और कहा गया कि उस अवधि से पहले बैंकों में ‘काफी कम’ पैसे जमा थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने जब मंगलवार को 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की, उससे पहले ही भाजपा और उसके दोस्तों को बता दिया गया था और उन्होंने अपनी नकदी जमा करा दी.

केजरीवाल ने कहा, “काले धन के नाम पर देश में एक बड़ा घोटाला हो रहा है. एटीएम में पैसा ना होने के कारण लोग परेशान हैं. सुबह से ही लोगों को बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के अनुसार काले धन की क्या परिभाषा है? देश के शीर्ष उद्योगपति- अंबानी, अडाणी, शरद पवार, सुभाष चंद्रा और बादल (परिवार) ने काला धन जमा किया हुआ है या फिर किसानों, रिक्शाचालकों, दुकानदारों और मजदूरों जैसे आम लोगों ने?’

उन्होंने कहा, “भाजपा को उन लोगों की सूची का खुलासा करना चाहिये, जिन्हें उसने प्रधानमंत्री की घोषणा से काफी पहले इसकी जानकारी दे दी थी और उन्होंने इस वजह से अपने काले धन को ठिकाने लगा दिया.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!