के के चक्रवर्ती की भी होगी सीबीआई जांच

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस रहे के के चक्रवर्ती के खिलाफ भी सीबीआई जांच होगी. ललित कला अकादमी में कथित रुपसे हज़ारों रुपये के घोटाले के लिये केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सीबीआई जांच की घोषणा की है. यह जांच देश के शीर्ष कवि अशोक वाजपेयी के साथ-साथ के के चक्रवर्ती के खिलाफ भी होगी. जिस कार्यकाल की सीबीआई जांच की घोषणा की गई है, उस दौरान के के चक्रवर्ती ललित कला अकादमी के अध्यक्ष रहे हैं.

छत्तीसगढ़ राज्य के पहले संस्कृति सलाहकार अशोक वाजपेयी और पहले संस्कृति सचिव के के चक्रवर्ती के खिलाफ सीबीआई जांच की घोषणा को बदले की नजर से की गई कार्रवाई की तरह देखा जा रहा है. देश में शीर्ष पदों पर रहे इन दोनों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कभी कोई वित्तीय गड़बड़ी के आरोप नहीं लगे. लेकिन ललित कला अकादमी में अध्यक्ष रहते इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने कलाकारों की प्रदर्शनी के लिये कलाकारों को कला दीर्घायें मुफ्त में दे दीं. उनसे किराया नहीं वसूला. विदेश यात्रायें की और सरकारी यात्रा में अपनी यात्राओं को भी मिला लिया.


माना जा रहा है कि अशोक वाजपेयी को साहित्य अकादमी अवार्ड वापसी के लिये निशाने पर लिया गया है. देश में हिंसक घटनाओं के बाद साहित्यकारों द्वारा अवार्ड वापसी से महेश वर्मा खुद को राजनैतिक रूप से आहत महसूस करते रहे हैं. हालांकि महेश शर्मा ने इससे इंकार किया है और कहा है कि सीबीआई जांच को पुरस्कार वापसी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिये.

सीबीआई लगातार यह कहती रही है कि उसके पास कर्मचारियों-अधिकारियों की कमी है. यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं समेत 29 लोगों के मारे जाने के मामले की जांच से उसने इंकार कर दिया. लेकिन हजारों रुपये के कथित घोटाले के नाम पर सीबीआई की जांच को लेकर साहित्य और संस्कृति जगत में तीखी आलोचना हो रही है. अशोक वाजपेयी के आलोचक भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में सरकार की इस घोषणा से नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं. कानून के जानकार लोगों का कहना है कि अगर सरकार को कोई जांच करनी ही थी तो वह विभागीय तौर पर ऐसा कर सकती थी. लेकिन सीबीआई से जांच की घोषणा सरकार की बदनीयती को बताता है.

हालांकि अभी तक सीबीआई ने मामला दर्ज नहीं किया है. वहीं अशोक वाजपेयी ने कहा है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है और जो भी नोटिस होगा, उसका जवाब दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि ललित कला अकादमी का पद सरकारी मुलाजिम जैसा पद नहीं होता. उन्होंने कहा कि अकादमी का अध्यक्ष रहते हुये उन्होंने मकान, गाड़ी जैसी सुविधायें भी अकादमी से नहीं ली. ऐसे में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता की बात सोचना बेमानी है.

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