शराबबंदी आंदोलन के नेता निश्चय बाजपेयी गिरफ़्तार

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में शराबबंदी आंदोलन के नेता और पार्षद निश्चय वाजपेयी को पुलिस ने धारा 151 के तहत गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है. उन पर आरोप है कि वे परसदा गांव में कोरोना काल में खलिहान तोड़ने जेसीबी ले कर पहुंचे नगरपालिका के अधिकारियों का ग्रामीणों के साथ विरोध कर रहे थे.

पुलिस का कहना है कि नगरपालिका की ओर से एक जेसीबी सरकारी जमीन पर बने गांव के ब्यारा की घेराबंदी तोड़ने के लिये भेजी गई थी.


गांव में जिन छोटे किसानों के पास अपनी फसल रखने की जगह नहीं होती, वे ब्यारा यानी खलिहान में अपनी फसल रखते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 40 साल से इस ब्यारा का उपयोग करते आ रहे हैं. अब राज्य सरकार इस ब्यारा को तोड़कर गांव के लोगों के कल्याण के लिये गोठान बनाना चाहती है.

ग्रामीणों का कहना है कि अगले एक महीने में फसल आने वाली है और गांव में ब्यारा की जगह अगर गोठान बना दिया गया तो वे अपनी फसल कहां रखेंगे? गांव के बुजर्ग, महिलायें और दूसरे लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हो कर इसका विरोध कर रहे थे.

निश्चय बाजपेयी

छत्तीसगढ़ में शराबबंदी आंदोलन के लिये चर्चित निश्चय बाजपेयी पिछले कई सालों से सामाजिक कार्यों में जुटे रहे हैं. रमन सिंह और भूपेश बघेल के कार्यकाल में वे शराबबंदी को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं.

हमने देखा है कि छत्तीसगढ़ में पहले लाकडाउन के दौरान सभी शराब दुकानें बंद हो गई थीं तो लोगों ने मरना ही छोड़ दिया था। दारू बेचने को आतुर सरकार ने जब दारू दुकानें खोलीं तभी समझ आ गया था कि अब नरसंहार होगा..

Posted by Nishchay Bajpai on Saturday, 19 September 2020

कुछ समय पहले ही वे कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों को हरा कर नगरपालिका के पार्षद भी चुने गये हैं.

चार्टड एकाउंटेंट के पेशे से समाज सेवा और राजनीति में आये निश्चय वाजपेयी की ग्रामीण युवाओं और महिलाओं में अच्छी पैठ मानी जाती है.

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