जाट असहयोग आंदोलन करेंगे

चंडीगढ़ | समाचार डेस्क: जाट नेताओं ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन की चेतावनी दी है. पिछले तीन हफ्ते से हरियाणा में फिर से जारी जाट आंदोलन के नेताओं ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन की धमकी दी है. ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने धमकी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं पूरी की जातीं, तब तक जाट समुदाय असहयोग के रास्ते पर चलेगा और समुदाय के सदस्य बिजली-पानी का बिल नहीं जमा करेंगे. गौरतलब है कि जाट आरक्षण की मांग कर रहें हैं.

इस बीच ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने निर्णायक जंग का ऐलान करते हुये 1 मार्च से असहयोग आंदोलन करने की बात कही है, जबकि 26 फरवरी को पूरे हरियाणा में आंदोलनकारी ‘काला दिवस’ मनायेंगे. हालांकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जाट आंदोलनकारियों की मांगों को ‘कानून के हद में रहकर’ पूरा करने का भरोसा दे रहे हैं.


ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति सोमवार को पानीपत में सरकार के साथ प्रस्तावित बातचीत के लिए राजी हो गई है. ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने रविवार को सोनीपत और रोहतक में धरना दे रहे जाटों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि समिति ने कुल 8 प्रस्ताव पास किये हैं और प्रदर्शनकारियों से मांगे पूरी होने तक बिजली और पानी के बिल न जमा करने की अपील की है.

मलिक ने कहा, ‘1 मार्च से हम सरकार के साथ असहयोग की नीति पर चलेंगे. कोई भी न बिजली का बिल जमा करेगा न पानी का और न ही लोन की किस्त भरेगा.’ उन्होंने मार्च से भिवानी, जिंद, कैथल, पानीपत, हिसार, करनाल, दादरी, कुरुक्षेत्र, मेवात और पंचकुला में आंदोलन तेज करने की धमकी दी है.

यशपाल मलिक ने कहा कि 2 मार्च को दिल्ली और यूपी के जाट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि संसद के घेराव की भी योजना बनाई जा रही है जिसकी तारीख का ऐलान 2 मार्च को किया जायेगा.

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