सारकेगुड़ा ‘लीक’ पर भड़के रमन सिंह

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सारकेगुड़ा में 17 आदिवासियों के मारे जाने की न्यायिक जांच रिपोर्ट ‘लीक’ होने पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति की है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसे विधानसभा की अवमानना करार दिया है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में जून 2012 में बीजापुर के सारकेगुड़ा में हुई कथित मुठभेड़ और 17 आदिवासियों की मौत के मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस वी के अग्रवाल की न्यायिक जांच आयोग ने कहा है कि सीआरपीएफ और सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम ने बैठक कर रहे ग्रामीणों पर एकतरफा हमला किया, जिसमें आदिवासी मारे गये.


78 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस रिपोर्ट से यह भी प्रमाणित नहीं हुआ है कि मारे जाने वालों में से कोई मृतक या घायल ग्रामीण माओवादी था.

जांच आयोग की यह रिपोर्ट शनिवार को मंत्रीमंडल की बैठक में प्रस्तुत की गई थी. इसे सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत किये जाने की ख़बर है. लेकिन अगले दिन रविवार को यह रिपोर्ट अखबार और वेबसाइटों पर प्रकाशित हो गई. दिल्ली से प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस ने प्रमुखता से इस रिपोर्ट के कई अंश शब्दशः प्रकाशित किये. इसे लेकर रमन सिंह ने आपत्ति दर्ज़ की है.

रमन सिंह ने कहा- “न्यायिक जांच की रिपोर्ट जब सरकार के पास एक महीने से आकर पड़ी है, विधानसभा का सत्र चल रहा है, विधानसभा में उसको प्रस्तुत होना चाहिये. मगर विधानसभा में प्रस्तुत न हो कर पेपर में पूरी तरीके से पूरी रिपोर्ट को लीक किया गया है. हिंदुस्तान के सारे अंग्रेजी पेपर में आज इसको छापा गया है.”

रमन सिंह ने रिपोर्ट को ‘लीक’ किये जाने को लेकर कहा कि- “विधानसभा सत्र चलते, इस प्रकार की न्यायिक जांच की रिपोर्ट को लीक करना, ये सरासर विधानसभा की अवमानना है और इस अवमानना के मामले को लेकर कल विधानसभा में हम प्रश्न उठायेंगे.”

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