10 रुपए के सिक्के को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दी अहम जानकारी

नई दिल्ली। डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक ने जारी किए गए सभी दस रुपये के सिक्कों को लीगल टेंडर बताया है. आज बुधवार को फिर से RBI ने ऐसा बयान जारी किया है. बता दें कि यह बयान उन कई रिपोर्टों के बाद आया है कि लेनदेन के दौरान इन सिक्कों को खारिज किया जा रहा था. RBI ने एक बयान में कहा, ‘अभी तक, भारतीय रिजर्व बैंक ने 14 डिजाइनों में 10 सिक्के जारी किए हैं और जनता को उनकी विशिष्ट विशेषताओं के बारे में सूचित किया गया है. ये सभी सिक्के लीगल टेंडर हैं और लेनदेन के लिए स्वीकार किए जा सकते हैं.’ सरकार के टकसालों द्वारा बनाए गए सिक्कों में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के विभिन्न विषयों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष विशेषताएं हैं और समय-समय पर सर्कुलेशन में डाल दिया जाता है.

RBI ने बैंकों से लेनदेन के लिए सिक्कों और सभी शाखाओं में विनिमय करने को कहा है. RBI ने अपने बयान में कहा कि ‘यह भारतीय रिज़र्व बैंक की जानकारी में है कि कुछ स्थानों पर व्यापारियों और लोग सिक्कों की वास्तविकता के संदेह के कारण उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं.’


गौरतलब है कि बीते दिनों खबर आई थी कि सरकार 10 रुपए के नए नोट जारी करेगी. बाजार में आने वाला नया 10 रुपये का नोट चॉकलेट ब्राउन रंग का होगा. इसमें ओडिशा के मशहूर कोणार्क सूर्य मंदिर की तस्वीर होगी. कहा जा रहा है कि इन नए नोटों में सुरक्षा फीचर्स भी पहले से बेहतर होंगे. इसमें नंबर पैनल के इनसेट में अंग्रेजी का ‘L’ अक्षर होगा और पीछे की तरफ छपाई का वर्ष लिखा होगा.

बता दें कि 10 के सिक्कों से जुड़ी कई अफवाहें सोशल मीडिया पर फैल रही हैं. मसलन, रिजर्व बैंक की तरफ से जारी किए गए पुराने सिक्कों पर 15 लाइनें बनी हैं, जबकि नए सिक्कों पर सिर्फ 10 लाइनें हैं. ये लाइनें भी लोगों को भ्रमित कर रही हैं. आपको बता दें कि रिजर्व बैंक की तरफ से ही इन सिक्कों को भी जारी किया गया है. ये सिक्के नकली नहीं हैं.

सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाह को सच कहने का दावा करते हुए दूसरा तर्क यह दिया गया है कि असली सिक्के में रुपए के चिह्न के साथ 10 रुपए लिखा है, जबकि नकली सिक्के में रुपए का चिह्न नहीं है. नकली सिक्के में सिर्फ 10 रुपए लिखा हुआ है. बैंक के कुछ अधिकारियों से बात करके पता चला है कि यह सिर्फ एक अफवाह है. दस रुपए के सिक्कों में भारत और INDIA पुराने सिक्कों में एक साथ लिखा हुआ है, जबकि नए सिक्कों में इसे अलग-अलग दिखाया गया है. इससे लोगों में असली-नकली का भ्रम फैल रहा है और लोग इन सिक्कों को लेने से मना कर रहे हैं.

जहां एक ओर असली-नकली के भ्रम के चलते बाजार, ऑटो, बस आदि में इन सिक्कों को लेने से लोग मना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिन लोगों के पास सिक्के हैं वो भी डर रहे हैं कि ये हमारे सिक्के नकली तो नहीं. आपको एक बार फिर बता दें कि कोई भी सिक्का नकली नहीं है. दोनों ही सिक्के रिजर्व बैंक ने जारी किए हैं, सिर्फ इनमें कुछ अंतर हैं.

इससे पहले जब असली-नकली सिक्के पर एक बैंक अधिकारी से बात की गई थी तो उन्होंने बताया था कि ना तो रिजर्व बैंक और न ही सरकार ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी किया है कि कौन सा सिक्का असली है और कौन सा नकली. अगर कोई 10 का सिक्का लेने से मना करता है तो इसके लिए उसे सजा भी भुगतनी पड़ सकती है.ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय मुद्रा के अपमान का मामला दर्ज किया जा सकता है.

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