राम के नाम पर ज़मीन घोटाला

अयोध्या | डेस्क: राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर राम मंदिर के लिए जमीन खरीदने में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने अलग-अलग प्रेस कांफ्रेंस कर इससे संबंधित दस्तावेज़ जारी किये हैं.

आरोप है कि राम जन्मभूमि मंदिर से सटी हुई एक ज़मीन 18 मार्च 2021 को 2 करोड़ में रजिस्ट्री कराई गई. 10 मिनट बाद वही ज़मीन 18 करोड़ 50 लाख में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम ख़रीद ली गई. आरोप है कि जो जमीन कुछ मिनट पहले सिर्फ दो करोड़ रुपये में बिकी थी, उसी जमीन को कुछ वक्त बाद 18.5 करोड़ रुपये में खरीद कर बड़ा घपला किया है. दोनों खरीदी-बिक्री के गवाह भी एक ही लोग हैं, जो भाजपा और संघ से जुड़े हुए हैं.


हालांकि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने इस बारे में मीडिया से कहा कि हम इन आरोपों की कोई चिंता नहीं करते. हम पर महात्मा गांधी की हत्या का भी आरोप लगा था. उन्होंने कहा कि हम पर आरोप लगते ही रहते हैं. 100 साल से आरोप ही देख रहे हैं हम लोग. हम पर महात्मा गांधी की हत्या के आरोप लगे. आरोप की हम चिंता नहीं करते, आप भी चिंता मत करिए. आप खूब लगाइए. आप अपना काम करिए, हम अपना काम करेंगे.

समाजवादी पार्टी के नेता और अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने अयोध्या में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ऐसी कौन सी वजह थी. उस जमीन ने 10 मिनट के अंदर कौन सा सोना उगल दिया कि जिस जमीन का बैनामा दो करोड़ में हुआ था, 10 मिनट बाद वह जमीन 18.5 करोड़ रुपये की हो गई.

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में कहा कि 5 मिनट में जमीन 16.5 करोड़ रुपये महंगी हो गई, जो विश्व रिकॉर्ड है. संजय सिंह ने कहा कि रविमोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से 18.5 करोड़ में खरीदी दो करोड़ की जमीन. लगभग 5.5 लाख रुपये प्रति सेकेंड जमीन का दाम बढ़ गया. हिंदुस्तान क्या दुनिया में कहीं कोई जमीन एक सेकेंड में इतनी महंगी नहीं हुई होगी.

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