सोनी सोरी छोड़ेंगी आप ?

रायपुर | संवाददाता: आदिवासी नेता सोनी सोरी आम आदमी पार्टी छोड़ सकती हैं. लोकसभा चुनाव में बस्तर में आम आदमी पार्टी की पहचान रहीं सोनी सोरी पार्टी से नाराज़ हैं. सोनी सोरी के बारे में कहा जा रहा है कि पार्टी का राज्य और केंद्रीय नेतृत्व बस्तर के मुद्दे पर चुप रहता है, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का साथ नहीं मिला है, इससे वो नाराज़ हैं.

हालांकि सोनी सोरी का कहना है कि वे जल्दी ही आम आदमी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करेंगी. सोनी सोरी को लेकर अटकलें हैं कि वे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी में शामिल हो सकती हैं. अजीत जोगी ने भी साफ किया है कि उनके सोनी सोरी के साथ व्यक्तिगत संबंध हैं और वे उन्हें पिता की तरह मानती हैं. अगर वे कोई राजनीतिक फैसला लेना चाहती हैं तो यह निर्णय स्वयं सोनी सोरी को ही लेना है.


असल में सोनी सोरी कभी भी आम आदमी पार्टी की पसंद नहीं रही हैं. उन्हें पहली बार पार्टी में लोकसभा चुनाव के समय वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की पहल पर मैदान में उतारा गया था. कोरबा से अधिवक्ता अमरनाथ पांडेय और बस्तर से सोनी सोरी को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय ज़िला या राज्य स्तर पर नहीं लिया गया था. बल्कि पार्टी संविधान के उलट दिल्ली से ही दोनों उम्मीदवारों का चयन किया गया था.

प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव जैसे पार्टी के शीर्ष नेताओं को आम आदमी पार्टी से निकाले जाने के बाद से ही माना जा रहा था कि सोनी सोरी भी पार्टी छोड़ेंगी. लेकिन सोनी सोरी पार्टी के साथ बनी रहीं. राज्य में पार्टी के संयोजक डॉक्टर संकेत ठाकुर ने भी अपने कार्यकाल में रायपुर, बिलासपुर और बस्तर में पार्टी की इकाइयों को मजबूत करने का काम किया. बस्तर के मुद्दे पर भी संकेत ठाकुर सक्रिय रहे. लेकिन संकेत ठाकुर ने पार्टी से जिस तरह से किनारा किया, उसके बाद से सोनी सोरी पार्टी में लगभग अकेली पड़ गई हैं.

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