बाघ की खाल के साथ पुलिसकर्मी गिरफ़्तार

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर में बाघ की खाल के साथ पकड़े गये लोगों में कोंडागांव का एक पुलिसकर्मी और कथित पत्रकार भी शामिल है. इसके अलावा शिकारियों में स्वास्थ्य विभाग का एक कर्मचारी भी है.

रविवार को कांकेर के नरहरपुर में वन विभाग की एक विशेष टीम ने बाघ की खाल के साथ 6 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद सोमवार को भी इस मामले में तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया.


शिकारियों ने स्वीकार किया है कि दीवाली से ठीक पहले इन लोगों ने इंद्रावती टाइगर रिज़र्व में इस बाघ का शिकार किया था.

गिरफ़्तार लोगों में दो आरक्षक शामिल हैं. इसके अलावा एक आरोपी के पास से मीडियाकर्मी होने का परिचय पत्र भी बरामद किया गया है. एक अन्य आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर के पद पर कार्यरत है.

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार विभाग की एक टीम पिछले महीने भर से इस शिकारी की गतिविधियों पर नज़र रखे हुये थी. इसकी तलाश में डॉग स्क्वॉड को भी शामिल किया गया था. रविवार को वन विभाग के अधिकारियों ने सुबह से ही घेराबंदी की और शिकारी को बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार कर लिया.

बताया जाता है कि इस बाघ की बिक्री की कोशिश हो रही थी, इसी दौरान वन विभाग को इसकी भनक लगी.

बाघों के शिकार में आगे छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पिछले पांच साल में 19 बाघ के खाल बरामद किये गये हैं. इसी तरह पिछले 10 सालों में तेंदुए की 51 खाल बरामद की गई है.

छत्तीसगढ़ के वाइल्ड एनिमल एंटी पोचिंग डेटाबेस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2014 से 2018 के मध्य 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ में 18 बाघों की खाले जप्त की गई. इसी प्रकार वर्ष 2006 से 2017 के मध्य 51 तेंदुओं की खालें जप्त करने व शिकार के प्रकरण दर्ज किए गए. इनमें से 5 बाघों की खालें और 30 तेंदुओं की खालें कांकेर वन मंडल से बरामद की गई है.

छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या आधी रह गई है. 2014 में राज्य में 46 बाघ होने का दावा किया गया था. लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा 2019 में जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में केवल 19 बाघ रह गये हैं. यह स्थिति तब है, जब देश भर में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है.

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