आंध्र-ओडिशा तट की तरफ बढ़ा ‘हुडुड’ तूफान

भुवनेश्वर | एजेंसी: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर रविवार दोपहर तक चक्रवाती तूफान के दस्तक देने की आशंका के बीच हालात का सामना करने के लिए तैयारियां कर ली गई हैं. यह जानकारी बुधवार को अधिकारियों ने दी.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, “उत्तरी अंडमान सागर और इसके नजदीकी इलाके में तीव्र दबाव ने ‘हुडुड’ चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया है और बुधवार सुबह उत्तरी अंडमान सागर और इसके समीप बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया.”


आईएमडी के मुताबिक, “यह अब अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को पार कर रहा है और लांग द्वीप के करीब है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर पश्चिम की दिशा में बढ़ेगा और अगले 24 घंटे के भीतर तेज चक्रवात का रूप ले लेगा. इसके पश्चात यह भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा और उत्तरी आंध्र प्रदेश और इसके समीप ओडिशा के समुद्र तट को 12 अक्टूबर की दोपहर तक पार कर लेगा.”

इसकी वजह से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और जो समुद्र में पहले से हैं, उन्हें तत्काल वापस आने को कहा गया है.

ओडिशा में लोग चक्रवाती तूफान की आशंका के मद्देनजर आवश्यक सामग्रियों को इकट्ठा कर रहे हैं.

राज्य में सब्जियों के दाम सोमवार से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि कैंडल जैसी चीजों के स्टॉक दुकानों में खत्म हो गए हैं. व्यापारी चीजों की बढ़ती कीमत का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

लोगों में किराने का सामान, सब्जियां, कैंडल, माचिस, बैटरी और ईंधन जैसी चीजें खरीदने की होड़ लगी हुई है.

12 अक्टूबर, 2013 को ओडिशा के तट पर आए फैलिन तूफान की यादें अभी भी लोगों के जेहन में बरकरार हैं. फैलिन तूफान में हालांकि, 1999 के भीषण चक्रवाती तूफान की तुलना में कम लोग हताहत हुए थे.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को कहा कि राज्य चक्रवाती तूफान की आशंका के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

पटनायक ने चक्रवात से संबंधित तैयारी की समीक्षा के बाद कहा, “मैंने सभी संबंधित विभागों के साथ चक्रवात के हालात की समीक्षा की है. हालात का सामना करने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं. विभागों को स्थिति का सामना करने के लिए आकस्मिक योजना बनाने के लिए कहा गया है.”

मुख्यमंत्री ने इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल , पुलिस, जल संसाधन, ऊर्जा और विशेष राहत सचिव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मुलाकात की.

पुलिस उपमहानिदेशक संजीव मारिक ने कहा कि पुलिस प्रशासन, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल के साथ राहत कार्य के संबंध में बैठक की जाएगी.

एनडीआरएफ कमांडेंट एम.के. यादव ने कहा, “हम चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. 12 में से एक टीम बालासोर और पुरी जिले में तैनात कर दी गई है.”

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