उम्रदराज खिलाड़ियों के लिए एएफाई दोषी: साई

नई दिल्ली | एजेंसी: चीन के नानझिंग में जारी दूसरे युवा एशियाई खेलों में हिस्सा लेने गई 27 सदस्यीय भारतीय खिलाड़ियों में से 18 के उम्रदराज पाए जाने से
पैदा हुई शर्मनाक स्थिति के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को दोषी ठहराया है.

गौरतलब है कि ये खिलाड़ी तय सीमा 17 वर्ष से अधिक पाए गए थे और इन खिलाड़ियों को बिना खेले ही स्वदेश लौटना पड़ा है.

साई के निदेशक जिजी थॉमसन ने कहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह गलत थी. उन्होंने कहा, “चयन प्रक्रिया पूरी तरह दोषपूर्ण थी. एएफआई को टूर्नामेंट के नियमों की जानकारी होनी चाहिए थी. अगर हम चयन में दखअंदाजी करते तो कहा जाता कि हम उनकी सम्प्रभुता में दखल दे रहे हैं.”

थॉमसन इस बात को लेकर हैरान हैं कि एएफआई द्वारा उचित ट्रायल के बावजूद इतने अधिक उम्रदराज खिलाड़ी इस आयोजन के लिए चुने गए. उनके मुताबिक एएफआई ने ट्रायल का आयोजन तिरुवनंतपुरम में किया था.

दरअसल एशियाई युवा खेलों में 1997 से 1999 से बीच जन्मे खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकते हैं लेकिन एएफआई ने अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) के नियमों के तहत खिलाड़ियों का चयन किया, जिसके तहत 1996 में जन्में खिलाड़ी भी इस आयोजन में हिस्सा लेने के योग्य हैं.

कारण जो भी हो लेकिन खेलप्रेमी और खिलाड़ी इस बात से निराश हैं कि भारतीय खेल संघों की इतनी बड़ी चूक से कई युवा खिलाड़ियों को बिना किसी गलती के शर्मिंदगी झेल कर वापस स्वदेश खाली हाथ लौटना पड़ा.

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