छत्तीसगढ़ में जोगी ने बनाई नई पार्टी

बिलासपुर | संवाददाता: कांग्रेस के कद्दावर नेता अजीत जोगी ने नई पार्टी बनाने की घोषणा की है. सोमवार को कोटमी में हुई सभा में इसकी घोषणा की गई है. हालांकि अभी पार्टी के नाम, झंडे तथा चुनाव चिन्ह को तय नहीं किया गया है व्यापक राय़शुमारी के बाद इस पर निर्णय लिया जायेगा.

जोगी ने रैली स्थल पर पहुंचने से पहले पेंड्रारोड के विश्राम गृह में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, “कमान से निकला तीर वापस नहीं आता और तलवार का वार खाली नहीं जाता. छत्तीसगढ़ के फैसले प्रदेश में होने चाहिए. दिल्ली में बैठे लोगों का निर्णय मंजूर नहीं है. प्रदेश की धरती अमीर है, जबकि यहां के लोग गरीब हैं. अब यह बर्दाश्त नहीं होगा. छत्तीसगढ़ का विकास यहां के गरीब और मजदूर करेंगे.”


रैली में मंच पर पूर्व मंत्री डी.पी. धृतलहरे, विधान मिश्रा और पूर्व विधायक परेश बागबाहरा मौजूद थे.

जोगी का काफिला जब पेंड्रारोड विश्रामगृह से सभा स्थल के लिए निकला तो उनके साथ कोटा के विधायक व कांग्रेस विधायक दल की उपनेता रेणु जोगी, मरवाही के विधायक अमित जोगी, बिल्हा के विधायक सियाराम कौशिक के अलावा चंद्रभान बारमते, धरमजीत सिंह, चैतराम साहू मौजूद थे.

नई पार्टी बनाने के कारणों पर बोलते हुये छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा के लिये नई पार्टी बनाने की जरूरत पड़ी.

उन्होंने कहा, “अब मैं आजाद हो गया हूं. छत्तीसगढ़ के फ़ैसले अब दिल्ली में नहीं लिए जायेंगे. छत्तीसगढ़ को रमन सिंह से मुक्त कराया जाएगा.”

अजीत जोगी ने अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुये दावा किया कि छत्तीसगढ़ को देश का पहला कर मुक्त राज्य बनाया जायेगा.

अजीत जोगी की बिलासपुर के कोटमी में हुई सभा में उनके बेटे अमित जोगी तथा पत्नी रेणु जोगी के अलावा दो अन्य कांग्रेस के विधायकों ने हिस्सेदारी दर्ज करवाई.

उल्लेखनीय है कि अजीत जोगी को राज्यसभा की टिकट नहीं मिलने के बाद से ही इस बात के कयास लगाये जा रहे थे कि वे कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बना सकते हैं. उनके बेटे अमित जोगी को अंतागढ़ टेपकांड के बाद कांग्रेस से छः साल के लिये निष्कासित कर दिया गया है.

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