बालको के अवैध उत्खनन पर बिफरा विपक्ष

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर: बाक्साइट के अवैध उत्खनन के मामले में बालको के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का मामला मंगलवार को विधानसभा में गूंजा. कांग्रेस सदस्य मोहम्मद अकबर ने सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इससे इंकार करते हुए कहा कि अधिकारी आते-जाते रहते हैं. संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. संस्था के मौजूदा दो अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है. मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआऊट कर दिया.

प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य मोहम्मद अकबर ने यह मामला उठाया. उन्होंने कहा कि बालको द्वारा अनुमति से ज्यादा कुल दो लाख 30 हजार 822 मीट्रिक टन बाक्साइट अधिक खनन करने की बात स्वीकारी गई है. अकबर ने कहा कि बालको के दो अधिकारियों ने जिम्मेदारी ली है और अदालत ने उनके खिलाफ जुर्माना किया. कांग्रेस सदस्य ने पूछा कि अदालत में परिवाद रूटिन में पेश किया गया अथवा आप के कहने से पेश किया गया. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विभागीय कार्रवाई है. जितना खनन किया गया है उससे ज्यादा जुर्माना हुआ है.

कांग्रेस सदस्य ने आरोप लगाया कि खनिज विभाग ने गलत ढंग से परिवाद पेश किया है. उन्होंने कहा कि जिस वक्त परिवाद पेश किया गया उस वक्त प्रमोद सूरी माइन्स मैनेजर और आरके गुप्ता सीईओ के पद पर थे. लेकिन उनके खिलाफ परिवाद दायर नहीं किया गया. उन्होंने पूछा कि इन अधिकारियों को क्यों छोड़ा गया? सरकार इनके खिलाफ क्या कोई कार्रवाई करेगी?

इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमति से अधिक खनन करने पर बालको का खनन कार्य 25 सितंबर 08 से 31 मार्च 09 तक बंद कराया गया था. अदालत ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी और माइन्स मैनेजर को 20-20 हजार रुपए अर्थदण्ड किया गया. उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा भी पर्यावरण अधिनियम के तहत वाद दायर किया गया.
अकबर के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी आते-जाते रहते हैं. जिस वक्त कार्रवाई होती है उस समय संस्था में मौजूद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

एक पूरक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय बालको को माइनिंग लीज आबंटित की गई थी उस वक्त बाक्साइट बाहर नहीं ले जा सकते, ऐसी कोई शर्त नहीं थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी द्वारा बाक्साइट लांजीगढ़ ले जाया जाता है और अंतिम प्रोडक्ट के लिए वापस छत्तीसगढ़ लाते हैं. यहां इससे सरकार को रायल्टी का कोई नुकसान नहीं है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुमति से ज्यादा खनन किया गया था. इसलिए जुर्माना किया गया. इसमें कहीं कोई कोताही नहीं हुई है. अकबर पुन: दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए जोर देने लगे. मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. कांग्रेस सदस्य ने दोषी अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया और इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वाकआऊट कर दिया.

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