बालको चिमनी कांड में चलेगा गैर इरादतन हत्या का मामला

कोरबा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की बालको चिमनी दुर्घटना मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ अब गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलेगा. सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुये आरोप तय किये गये और कोरबा एडीजे की अदालत ने इस मामले में आदेश जारी किया.

गौरतलब है कि वेदांता-स्टारलाइट की कंपनी बालको द्वारा अवैध रुप से निर्माणाधीन 1200 मेगावाट के विद्युत इकाई की 248 मीटर उंची चिमनी 23 सितबंर 2009 को धाराशाई हो गई थी. देश के इस बड़े औद्योगिक हादसे में 40 मजदूरों की मौत हो गई थी.

इस घटना की जांच के लिये राज्य सरकार ने संदीप बख्शी आयोग का गठन किया था, जिसने पूरे तीन साल बाद राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी. इस जांच रिपोर्ट में वेदांता-स्टरलाइट कंपनी बालको के अधिकारी, चिमनी का निर्माण करने वाली ठेका कंपनी सेपको के परियोजना प्रबंधक और उप ठेका कंपनी जीडीसीएल के परियोजना प्रबंधक व इंजीनियर, वल्लभगढ़ के वैज्ञानिक और इंजीनियर को इस हादसे के लिये जिम्मेवार बताया था.

इधर कोरबा जिला न्यायालय में चल रहे बालको चिमनी हादसा मामले में रिपोर्ट पेश होने के बाद 15 आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाने का आदेश स्थानीय न्यायालय ने दिया है. इस मामले में 15 में से 3 आरोपी आज तक फरार हैं. सभी फरार आरोपी जीडीसीएल से संबद्ध हैं.

अदालत ने 13 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला चलाने का आदेश दिया है. वहीं इस मामले में आरोपियों को बचाने के लिये फर्जी रिपोर्ट पेश करने वाले वल्लभगढ़ के वैज्ञानिकों के खिलाफ धारा 201 के तहत मुकदमा चलेगा. इन आरोपियों के खिलाफ अगर जुर्म साबित हो जाता है तो इनको आजीवन कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है.

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