बिहार में 52 फीसदी मतदान

पटना | समाचार डेस्क: बिहार में चुनाव के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार को 32 विधानसभा क्षेत्रों में 52 फीसदी मतदान हुआ. छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कहीं से कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. शाम चार बजे तक लगभग 52 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. राज्य निर्वाचन आयेाग के अनुसार, दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया, लेकिन अंतिम आंकड़े अभी जुटाए जा रहे हैं. आयोग के मुताबिक, शाम चार बजे तक करीब 52 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर चुके हैं. सबसे ज्यादा कैमूर में जहां 56 प्रतिशत मतदान हुआ, वहीं सबसे कम औरंगाबाद में करीब 48 प्रतिशत मतदान हुआ.

नक्सल प्रभावित 11 विधानसभा क्षेत्रों में अपराह्न् तीन बजे, जबकि 12 विधानसभा क्षेत्रों में शाम चार बजे मतदान संपन्न हो गया. इस चरण के मतदान में कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और गया जिले के 32 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले गए.

अभी भी कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार देखी जा रही है. कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान बहिष्कार की भी सूचना मिली है.

चुनाव आयोग ने पूर्व में ही सामान्य विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शाम पांच बजे तक जबकि नक्सल प्रभावित इलाकों में अपराह्न् तीन बजे तक और कुछ क्षेत्रों में शाम चार बजे तक मतदान का समय निर्धारित किया था.

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ मतदान केंद्रों पर शुरुआती घंटों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन खराब होने की सूचना मिली थी, जिन्हें बाद में दुरुस्त कर लिया गया था. अब तक कहीं से किसी तरह की बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. कुछ मतदान केद्रों पर चुनाव बहिष्कार की सूचना मिली है.

दूसरे चरण में 86.13 लाख मतदाताओं के लिए 9,119 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दूसरे चरण में 32 महिला सहित 456 उम्मीदवार मैदान में हैं.

दूसरे चरण में अधिकांश सीटें नक्सल प्रभावित थीं, जिस कारण सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए.

राज्य निर्वाचन विभाग के अपर मुख्य निर्वाचन आयुक्त आऱ लक्ष्मणन ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती की गई. मतदान के लिए संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी गई थी.

शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए राज्य एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 993 कंपनियां तैनात की गईं और पांच हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए. नक्सल प्रभावित इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी की गई. मतदान सुचारु रूप से संपन्न हो, इसके लिए 44,216 मतदान कर्मियों को लगाया गया.

इस चरण में पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी, विधानसभा अध्यक्ष और जनता दल युनाइटेड के नेता उदय नारायण चौधरी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह, रामेश्वर चौरसिया, पूर्व मंत्री रामधनी सिंह, इलियास हुसैन तथा मांझी के बेटे संतोष कुमार का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद हो गया.

इस चरण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से भाजपा के 16, हम के सात, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के छह, लोक जनशक्ति पार्टी के तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल और जदयू के 13-13 उम्मीदवार और कांग्रेस के छह उम्मीदवार मैदान में हैं.

इस चुनाव में कांग्रेस, राजद और जदयू महागठबंधन के तहत चुनाव मैदान में हैं. वहीं भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में लोजपा, रालोसपा और हम हैं. वामपंथी दल एक अलग मोर्चा बनाकर चुनावी समर में हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में पांच दलों का तीसरा मोर्चा भी चुनाव मैदान में है. तीसरे मोर्चे से राकांपा ने गुरुवार को खुद को अलग करने की घोषणा कर दी.

बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए पांच नवंबर तक पांच चरणों में मतदान होना है. पहले चरण में 12 अक्टूबर को 49 सीटों पर मतदान हुआ था. सभी सीटों के लिए मतगणना आठ नवंबर को होगी.

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