ब्रेक्सिट प्रभाव भारत पर पड़ेगा: एसोचैम

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: उद्योग संगठन एसोचैम का मानना है कि ब्रिटेन द्वारा यूरोपीय संघ को छोड़े जाने का भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ेगा. एसोचैम का कहना है कि भारत उससे निपटने के लिये पहले से ही तैयार हो जाये.

India should be ready with contingency plan on Brexit, says ASSOCHAM

केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के पास यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने (ब्रेक्सिट) पर पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजना होनी चाहिए. यह बात एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने मंगलवार को कही. ब्रिटेन में गुरुवार को ब्रेक्सिट पर जनमत संग्रह होने वाला है, जिसमें ब्रिटेन के आम लोग मतदान द्वारा यह तय करेंगे कि उन्हें यूरोपीय संघ में रहना है या इससे अलग होना है.

एसोचैम ने अपने द्वारा कराए गए एक अध्ययन के हवाले से कहा, “घबराहट के कारण कम से कम कुछ समय के लिए बाजार में उथल-पुथल देखी जा सकती है.”

लंदन चूंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक प्रमुख केंद्र है, इसलिए पूरी दुनिया में अनिश्चितता का माहौल बन गया है.

एसोचैम के बयान में कहा गया है, “भारत में भारी उथल-पुथल देखा जा सकता है या वैश्विक रुझान के अनुरूप बड़े पैमाने पर पूंजी बाहर जा सकती है.”

बयान में कहा गया है, “ब्रेक्सिट जनमत संग्रह ऐसे वक्त हो रहा है, जब विदेशी मुद्रा अप्रवासी जमा खाते से निकासी के कारण 20 अरब डॉलर राशि देश से बाहर चले जाने को लेकर आशंका व्याप्त है, यद्यपि इस वक्त चालू खाता की स्थिति सुविधाजनक है.”

एसोचैम ने साथ ही कहा कि मध्यम से लंबी अवधि में ब्रिटेन और यूरोपीय बाजार में यदि अनिश्चितता पैदा होगी, तो पूंजी का प्रवाह भारतीय बाजार की तरफ हो सकता है.

बयान में कहा गया है, “लेकिन निकट अवधि में स्थिति कोई भी करवट ले सकती है और एक भरोसेमंद अर्थव्यवस्था होने के नाते हमें स्थिति से कुशलता से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.”

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