सांसद भी करते हैं एलटीसी में हेराफेरी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: सीबीआई ने 6 सांसदों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हैरत की बात है कि मुफ्त आवास, बिजली, पानी, फोन तथा चिकित्सा की सुविधा पाने वाले सांसदों ने फर्जीवीड़ा करके जनता के पैसों को चूना लगाया है. गौरतलब है कि इन सांसदों को जनता का सेवक कहा जाता है. सीबीआई ने शुक्रवार को इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

इनमें सो 3 मौजूदा सांसद हैं तथा 3 पूर्व सांसद हैं. सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि तीन मौजूदा सांसदों में मिजो नेशनल फ्रंट के लालमिंग लियाना, तृणमूल कांग्रेस के डी.बंदोपाध्याय और बहुजन समाज पार्टी के ब्रजेश पाठक शामिल हैं.भारतीय जनता पार्टी के जे.पी.एन सिंह, राष्ट्रीय लोक दल के महमूद ए.मदनी और बीजू जनता दल की रेनुबाला प्रधान पूर्व राज्यसभा सांसद हैं, जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

गौरतलब है कि लोकसभा और राज्यसभा के सांसद कार्यकाल के दौरान 50 हजार रुपए का वेतन मिलता है. इसके अलावा अगर सांसद संसद भवन में रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर करते हैं तो उन्हें 2000 रुपए हर रोज का भत्ता मिलता है. प्रत्येक सांसद को अपने क्षेत्र में कार्य कराने के लिए 45000 रुपए प्रतिमाह भत्ता मिलता है. प्रावधानों के अनुसार सांसदों को कार्यालयीन खर्चों के लिए 45000 रुपए प्रतिमाह मिलता है. इसमें से वह 15 हजार रुपए स्टेशनरी और पोस्ट आइटम्स पर खर्च कर सकता है. इसके अलावा अपने सहायक रखने पर सांसद 30 हजार रुपए खर्च कर सकता है.

हैरत की बात है कि माह में किसी मल्टीनेशनल कंपनी के उच्चाधिकारी के समान वोतन तथा भत्ता पाने वाले सांसदों को एलटीसी में हेराफेरी करनी पड़ती है. इस घोटाले में सीबीआई की ओर से दर्ज यह पहला मामला है. सीबीआई के अनुसार, 10 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है, जिसमें सांसदों के घर और दफ्तर शामिल हैं. इसके अतिरिक्त दिल्ली व ओडिशा स्थित ट्रैवल एजेंसियों के दफ्तरों में भी तलाशी ली जा रही है.

बताया जाता है कि सरकारी अधिकारियों ने अवकाश एवं यात्रा भत्ते के तहत फर्जी तरीके से लाखों रुपये की छूट के दावे सरकार के समक्ष रखे थे. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब विमानन कंपनी एयर इंडिया के सतर्कता विभाग ने मार्च में कोलकाता हवाई अड्डे पर एक व्यक्ति को 600 खाली बोर्डिग पास के साथ गिरफ्तार किया था.

इसके बाद एयर इंडिया के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने सीबीआई को मामला सौंपा. सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि कुछ सांसदों ने एलटीसी भत्ता पाने के लिए फर्ज़ी ट्रैवल डॉक्यूमेंट जमा करवाए. सांसदों के इस कृत्य से संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है. सबसे हैरत की बात यह है कि इनमें से 3 मौजूदा सांसद हैं.


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