चिकित्सा के विज्ञापन पर रोक

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से अस्पतालों तथा चिकित्सकों के विज्ञापन रोक लगा दी गई है. छत्तीसगढ़ में इस तरह के विज्ञापनों पर रोक की समय सीमा पहले 16 मार्च थी जिसे बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दिया गया है. इसका निर्णय छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल की रायपुर में हुई बुधवार की बैठक में लिया गया है. उल्लेखनीय है कि मेडिकल काउंसिल चाहता है कि इस तरह से चिकित्सा के खर्च को कम किया जा सके.

छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के इस निर्णय के अनुसार चिकित्सक तथा अस्पताल अपना अपना प्रचार-प्रसार मीडिया तथा विज्ञापनों के अन्य माध्यमों से नहीं कर सकेंगे.

लेकिन अस्पतालों के भीतर उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञो की जानकारी प्रदर्शित की जा सकेगी. इसके अलावा नये खुलने वाले अस्पताल अपने पते, उपलब्ध उपकरण तथा सुविधा की जानकारी एक माह तक दे सकेंगे.

चिकित्सा सुविधा में किसी तरह के विस्तार या अस्पताल के स्थांनांतरण की सूचना एक सप्ताह तक दी जा सकेगी. किसी अस्पताल में यदि कोई तथा विशेषज्ञ आता है तो उसकी सूचना तीन दिनों तक दी जा सकेगी.

चिकित्सकों तथा अस्पतालों को छूट दी गई है कि अपनी किसी उपलब्धि पर प्रेस कांफ्रेंस कर सकते हैं.

छत्तीसगढ] मेडिकल काउंसिल ने विज्ञापनों पर छूट की सीमा 31 मार्च तय की है उसके बाद यदि इस तरह के विज्ञापन दिये जाते हैं तो उन पर कठोर कार्यवाही की जायेगी.

रायपुर इंडियन मेडिकल एसोसिशएन के अध्यक्ष डॉ. अशोक त्रिपाठी का कहना है कि जब एमसीआई का गठन हुआ था, तभी नियम बना था. प्रचार के लिए विज्ञापन जारी करना अनैतिक है. इस फैसले का हम स्वागत करते हैं. यह नियम पूरी तरह लागू होना चाहिए.

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