छत्तीसगढ़ में भाजपा-46, कांग्रेस-42

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 46 तो कांग्रेस को 42 सीट मिलने का अनुमान है.यह अनुमान समय-हब पल्स ने अपने सर्वेक्षण के आधार पर जारी किया है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में समय-हब पल्स द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक भाजपा को 46 सीटों का अनुमान लगाया गया है वहीं कांग्रेस को भी 42 सीटें मिलती दिख रही हैं. ऐसे में मुकाबला कांटे का हो गया है.


गौरतलब है कि भाजपा को 2008 के चुनाव में 50 सीटें मिली थी. इस तरह सर्वे के मुताबिक उसे चार सीटों का नुकसान होता दिख रहा है. वहीं कांग्रेस पिछले चुनाव के 38 सीटों की तुलना में चार सीटों के फायदे के साथ 42 तक पहुंचती दिखाई दे रही है.

समय के इस सर्वे की मानें तो वोट शेयरों के मामले में भाजपा को अब भी 41 फीसदी लोगों का समर्थन हासिल है जबकि 39 फीसदी लोग कांग्रेस के पक्ष में वोट डालने का मन बना चुके हैं. हालांकि भाजपा बहुमत से सिर्फ़ एक सीट ज्यादा है लेकिन आखिरी समय में अगर लोगों की वोटिंग में बदलाव आता है तो मुकाबला काफी रोचक होने की उम्मीद है.

सर्वे के अनुसार मुख्यमंत्री के पसंदीदा उम्मीद्वार को तौर पर रमन सिंह 43 प्रतिशत लोगों की पसंद के साथ अब भी सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं. कांग्रेस के अजीत जोगी को 31 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे हैं. अऩ्य में 26 प्रतिशत लोग शामिल हैं. राज्य में बहुजन समाज पार्टी दो सीटों के साथ अपने 2008 के प्रदर्शन को दोहराती दिख रही है. बसपा का वोट शेयर 7 फीसदी है जबकि अन्य 13 फीसदी वोट शेयर के बावजूद एक भी सीट पर पहुंचते नहीं दिख रहे हैं.

छत्तीसगढ़ की जनता रमन सिंह के विकास कार्यों को भी अपना पूरा समर्थन देती हुई दिख रही है. कुल 56 प्रतिशत लोग सरकार काम से संतुष्ट हैं जबकि 27 प्रतिशत तटस्थ और 17 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं. बेरोजगारी से निपटने के राज्य सरकार के प्रयासों से राज्य की 43 प्रतिशत जनता संतुष्ट दिखाई दे रही है जबकि 38 प्रतिशत तटस्थ और 19 प्रतिशत असंतुष्ट दिखाई दे रही है.

सर्वेक्षण में बताया गया है कि राज्य में बिजली आपूर्ति के मामले में जनता राज्य सरकार के काम से कोई ज्यादा खुश नहीं दिखाई दे रही है. इस मामले में 35 फीसदी जनता संतुष्ट दिखाई दे रही है तो 27 फीसदी असंतुष्ट है. वहीं 38 प्रतिशत लोगों की कोई राय नहीं है. भ्रष्टाचार से निपटने के मामले में भी राज्य सरकार से लोग कोई ज्यादा खुश नहीं है. केवल 31 प्रतिशत लोग सरकार के इस दिशा में किए गए कार्यों से संतुष्ट हैं जबकि 17 प्रतिशत लोग असंतुष्ट हैं, जबकि 52 प्रतिशत लोग इस बारे में कोई राय नहीं रखते हैं.

छत्तीसगढ़ राज्य की 35 फीसदी जनता राजनीतिक दल देखकर अपना वोट डालती है. जबकि 27 प्रतिशत लोग स्थानीय एमएलए को देखकर अपना वोट डालते हैं. मुख्यमंत्री के उम्मीदवार देखकर 17 प्रतिशत लोग अपना वोट डालते हैं. राज्य सरकार के काम को देखकर 15 प्रतिशत लोग अपना वोट देते हैं जबकि केन्द्र सरकार के कामकाज को पैमाना मानकर पांच प्रतिशत लोग अपना वोट डाल सकते हैं.जाहिर है, कांटे की इस टक्कर में कुछ सीटों की कमी-बेसी सत्ता का खेल बदल सकती है.

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