रमन की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवालें

नई दिल्ली | अमर उजाला: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को मिला एनएसजी सुरक्षा घेरा हटा लिया गया है. अब इन नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर होगी.

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा घेरे को बदलने का फैसला दोनों नेताओं की ज्यादा सक्रियता वाले राज्यों में सीआरपीएफ की सघन तैनाती और कार्य कुशलता को देखते हुए लिया गया है. हालांकि दोनों नेताओं को पहले से मिल रहे सुरक्षा घेरे की श्रेणी नहीं बदली गई है.


नक्सलियों से खतरे को देखते हुए रमन सिंह को जेड प्लस वीवीआईपी सुरक्षा घेरा मिला हुआ है. इस घेरे में 60 हथियारबंद कमांडो और पांच-छह वाहनों का काफिला होता है. इनमें से कुछ वाहन बुलेटप्रूफ होते हैं.

सूत्रों के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ के सीएम राज्य में निरंतर घूमते रहते हैं. वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्य में सीआरपीएफ के अच्छा बेस और कुशल दस्ते होने के चलते उन्हें बल द्वारा सुरक्षा देना ज्यादा आसान होगा. सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से एक ही बल के अंदर समन्वय स्थापित करना आसान होता है.

सीआरपीएफ कुछ समय से रमन सिंह के आधिकारिक निवास और राजधानी रायपुर में उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही है. बल ने यह जिम्मेदारी बहुत ही अच्छी तरह से निभाई है.’

दरअसल, रमन सिंह की राज्य के अंदरूनी हिस्सों में मूवमेंट के दौरान एनएसजी को अपना दस्ता या तो हवाई मार्ग से अथवा सड़क मार्ग से भेजना पड़ता है. इसके साथ ही उन्हें सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ काफी समन्वय करना होता है.

इस वजह से यह महसूस किया गया कि रमन सिंह को खतरे को देखते हुए ऐसी स्थिति ठीक नहीं होगी. इसी तरह बिहार में भी बल की बड़े पैमाने पर तैनाती को देखते हुए लालू प्रसाद यादव को भी सीआरपीएफ सुरक्षा कवर दिया गया है. बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में लालू की ज्यादातर गतिविधियां राज्य में ही होने की संभावना है.

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