चिटफंड कंपनियों को संरक्षण- भूपेश

अंबिकापुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ में फर्जी चिटफंड कंपनी के मालिकों के बजाये अभिकर्ताओं को जेल में डाला जा रहा है. जबकि रोजगार मेलों में इन फर्जी चिटपंड कंपनियों को बुलाया गया था तथा छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया गया था. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अंबिकापुर में उपभोक्ता तथा अभिकर्ताओं के संभागीय सम्मेलन में यह बात कही.

उन्होंने मांग की कि चिटफंड कंपनियों के चल तथा अचल संपत्ति को बेचकर छत्तीसगढ़ के निवेशकों को उनका पैसा लौटाया जाना चाहिये. भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की जनता का दस हजार करोड़ रुपये लूटकर फर्जी चिटफंड कंपनियां भाग गई है. अब पुलिस चिटफंड कंपनियों के झांसे में आकर अभिकर्ता बने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को जेल में डाल रही है.

भूपेश बघेल ने दावा किया कि इसी कारण से अब तक छत्तीसगढ़ के 28 अभिकर्ता घबराकर आत्महत्या कर चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि रमन सरकार बड़ी मछलियों को छोड़कर छोटी मछलियों को पकड़ रही है.

भूपेश बघेल ने शासकीय रोजगार मेलों में फर्जी चिटफंड कंपनियों को आमंत्रित करने वाले कलेक्टरों तथा इन चिटफंड कंपनियों के कार्यालयों का उद्गाटन करने वाले नेताओं पर कार्यवाही करने की मांग की है. इसी के साथ उन्होंने मांग की कि आत्महत्या करने वाले अभिकर्ताओं के परिवार को मुआवजा मिलना चाहिये.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि राज्य के अधिकांश जिलों में जिला रोजगार अधिकारी तथा प्रशासन द्वारा रोजगार मेलों में फर्जी चिटफंड कंपनियों को आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा कि इसमें अभिकर्ताओँ का दोष नहीं है उन्हें जेल से रिहा किया जाना चाहिये.

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