हारे नेताओं पर दांव नहीं लगाएगी कांग्रेस

रायपुर | संवाददाता: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम से कांग्रेस ने सबक लेते हुए लोकसभा चुनाव की तैयारियां नए सिरे से शुरू कर दी है. इस बार कांग्रेस अपने प्रत्याशियों के नाम चुनाव से काफी पहले ही घोषित करने पर विचार कर रही है, तथा संभवत: फरवरी में ही पार्टी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे. कांग्रेस ने इसके लिए प्रदेश स्तर के साथ-साथ केंद्रीय स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी है.

इसके अतिरिक्त पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार अधिकाधिक नए प्रत्याशियों को मौका दिया जा सकता है, तथा इससे पूर्व चुनाव हार चुके नेताओं का पत्ता कट सकता है.


बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस बार जल्द से जल्द प्रत्याशियों की घोषणा पर विचार हो रहा है, जिसके चलते यहां संभावित पार्टी प्रत्याशियों के नाम को लेकर औपचारिक चर्चा भी शुरू हो गई है.

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से इस बार जल्द से जल्द उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के लिए दबाव बन रहा है. इसके पीछे केंद्रीय नेतृत्व का विचार है कि इससे पार्टी में बगावत और भितरघात पर रोक लगाया जा सकेगा, साथ ही प्रत्याशियों के पास अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने के लिए अधिक समय भी मिलेगा. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुल 40 सीटों के लिए भी जल्द से जल्द पार्टी प्रत्याशियों के नाम तय करने पर जोर दिया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में लोकसभा की 11 सीटें हैं, जिनमें 10 पर नाम तय होना है. सिर्फ चरणदास महंत के लोकसभा सीट कोरबा में कोई बदलाव नहीं होगा. इसके अलावा रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, जांजगीर, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, सरगूजा, दुर्ग तथा राजनांदगांव में नए प्रत्याशियों को मौका देने की बात कही जा रही है. लेकिन हालत उल्टे ही नजर आ रहे हैं. इनमें कई सीटें ऐसी हैं, जहां हारे हुए प्रत्याशी ही टिकट की कतार में हैं.

प्रदेश संगठन भी उन्हीं से जीत की उम्मीद लगाए हुए है. इनमें तो कई विधानसभा चुनाव तक में नहीं जीत सके. बताया जा रहा है कि दुर्ग से जो नाम पार्टी प्रत्याशी के लिए आए हैं, उनमें अधिकतर हारे हुए नेता हैं. लगभग यही हाल रायपुर लोकसभा सीट का भी है. यहां भी प्रदेश संगठन हारे हुए नेताओं के समर्थन में ही दिख रहा है. दुर्ग से रविंद्र चौबे और प्रदीप चौबे के नाम चर्चा में हैं. दोनों एक ही परिवार के सदस्य हैं, और दोनों ही इससे पूर्व चुनाव हारे चुके हैं.

रायपुर के लिए किरणमयी नायक और विकास उपाध्याय का नाम लिया जा रहा है लेकिन ये दोनों भी विधानसभा चुनाव हार चुके हैं.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टी. एस. सिंहदेव ने कहा, “लोस चुनाव के संबंध में केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश चुनाव अभियान समिति की बैठक 20 जनवरी को करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तैयारी शुरू कर दी है.”

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, “आगामी लोस चुनाव में युवा एवं नए लोगों को मौका दिया जाएगा. फरवरी तक प्रत्याशियों का चयन कर लिया जाएगा, ताकि प्रत्याशियों को प्रचार के लिए पूरा समय मिल सके.”

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