कागज टेंडर को मंजूरी नहीं

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में पाठ्य पुस्तक निगम के कागज टेंडर को मंजूरी नहीं मिली. सरकारी लूट और भ्रष्टाचार के लिये राज्य भर में कुख्यात पाठ्यपुस्तक निगम के कागज खरीद का 100 करोड़ रूपए का विवादित टेन्डर को मंजूरी नहीं मिल सकी. पाठ्य पुस्तक निगम की कार्यकारिणी की आपात बैठक में सदस्यों ने कागज खरीदी का कड़ा विरोध किया.

सोमवार को बैठक में निगम के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने जैसे ही बोलना शुरु किया और सफाई पेश की, सदस्यों ने सवालों की झड़ी लगा दी. बैठक में अध्यक्ष की बातों से असहमति जताते हुये कागज को ज्यादा दर पर खरीद किए जाने का विरोध किया और वर्तमान टेन्डर को निरस्त कर महानिदेशक आपूर्ति एवं निष्पादन दर अनुबंध से प्रस्ताव लेकर उनकी दर पर ही खरीद करने की बात कही.

हालांकि अध्यश्र अशोक शर्मा किसी भी तरीके से इस टेंडर को पास करने के लिये तरह-तरह की बातें करते रहे लेकिन दूसरे सदस्य अड़े रहे.

गौरतलब है कि पाठ्य पुस्तक निगम में करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं. यहां तक कि कैग ने भी इन पर सवाल खड़े किये हैं. लेकिन पाठ्य पुस्तक निगम को राजनेताओं का ऐसा वरदहस्त प्राप्त है कि सारे भ्रष्टाचार दबा दिये गये. ताजा मामले में राज्य के मुख्य सचिव सुनिल कुमार के हस्तक्षेप के बाद राज खुला. लेकिन बुलंद हौसले के भ्रष्टाचारियों ने सुनिल कुमार को ही घेरने के लिये कथित रुप से सीवीसी से शिकायत कर दी. हालांकि सुनिल कुमार ने जब अपने ही खिलाफ सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी तो शिकायत के खेल के पीछे के खिलाड़ियों के दांव धरे रह गये.

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