पानी नहीं तो मतदान नहीं!

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के देवानपाली गांव में आक्रोशित ग्रामीणों ने पेयजल नहीं मिलने से परेशान होकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है. ग्रामीणों के मुताबिक यहां पीने के पानी की गंभीर समस्या विगत साल भर से बनी हुई है.

सूबे के सराईपाली ब्लॉक मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित सिंघोड़ा ग्राम पंचायत का आश्रित गांव देवानपाली विगत एक वर्ष से पेयजल की समस्या से जूझ रहा है. तालाब के जल का ही उपयोग कर देवानपाली के ग्रामीण अपना जीवनयापन कर रहे हैं.

इस समस्या से निजात नहीं मिलने की स्थिति में देवानपाली के ग्रामीण इस चुनाव में मतदान बहिष्कार करेंगे. इसका बहिष्कार गांव में पोस्टर लगाकर किया गया है. संवरा जाति बहुल इस गांव के लोग चुनाव में मतदान करने से पूरी तरह परहेज कर रहे हैं.

बताया जाता है कि इस गांव में दो हैंडपंप हैं, जो विगत कई महिनों से बंद हैं. पंचायत द्वारा एक हैंडपंप में डेढ़ एचपी का एक मोटर भी लगाया गया था, किंतु दो साल चलने के बाद खराब हो गया. वर्तमान स्थिति बहुत ही दयनीय है. पंप को चालू कराने के लिए साल भर पहले चंदा भी एकत्रित किया था किंतु यह विभागीय उदासीनता के चलते उपेक्षित रह गया.

एक ग्रामीण ने बताया कि अधिकारियों, कर्मचारियों सहित जन प्रतिनिधियों को भी कई बार जानकारी दी गई है लेकिन इस समस्या को देखने वहां कोई भी नहीं पहुंचा.

बसना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पोटापारा और मुड़पहार के मतदाताओं ने भी चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है. मतदाताओं का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अब तक किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई है और वे सब परेशान चल रहे हैं. जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता तब तक वे इस पर अडिग रहेंगे.

बहरहाल, इस मसले पर जिले के कोई भी संबंधित अधिकारी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. ग्रामीणों का मान मनौव्वल शुरू हो गया है और उन्हें समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया जा रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *