छत्तीसगढ़ में जीएमआर बिजली इकाई शुरू

नई दिल्ली | एजेंसी: मंगलवार को जीएमआर की छत्तीसगढ़ में पहली बिजली इकाई शुरू की गई. जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने मंगलवार को कहा कि रायपुर जिले के रायखेड़ा में 1,370 मेगावाट के सुपरक्रिटिकल ताप बिजली संयंत्र की पहली इकाई से उत्पादन शुरू हो गया है और इसे ग्रिड से जोड़ दिया गया है. इस संयंत्र का संचालन जीएमआर की सहायक कंपनी जीएमआर छत्तीसगढ़ एनर्जी लिमिटेड करती है. यह समूह का प्रथम सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित ताप बिजली संयंत्र है.

जीएमआर ने शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा, “पहली इकाई को गत सप्ताह दो अक्टूबर को ग्रिड से जोड़ा गया.”

पहली इकाई 685 मेगावाट क्षमता की है.

जीएमआर ने कहा कि 685 मेगावाट की दूसरी इकाई पर काम चल रहा है.

2013 के बाद से जीएमआर समूह ने दो कोयला ताप बिजली संयंत्र चालू किया है. इसमें एक महाराष्ट्र के वरोरा में 2 गुणा 300 मेगावाट क्षमता वाली जीएमआर की एमको एनर्जी लिमिटेड है और दूसरी ओडिशा के कमलानगर में 4 गुणा 350 मेगावाट की जीएमआर कमलानगर एनर्जी लिमिटेड की तीन इकाइयां हैं.

जीएमआर ने 2008 में बिजली संयंत्र के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ एक सहमति समझौते पर हस्ताक्षर किया था. इसे स्थापित करने के लिए पर्यावरण मंजूरी और अनुमति 2011 में मिली.

बयान में कहा गया कि इस संयंत्र से दूसरे राज्यों को भी बिजली दी जाएगी.

जीएमआर समूह के अध्यक्ष जी.एम. राव ने बयान में कहा, “जीसीईएल संयंत्र में आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ईंधन और पानी का सर्वोत्तम उपयोग होता है और यह पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में भी मदद करता है.”

उन्होंने कहा, “जीसीईएल यह भी कोशिश करती है कि आस-पास के परिसरों में रहने वालों का जीवन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, जीविका और जमीनी अधोसंरचना के विकास जैसी सीएसआर गतिविधियों से बेहतर बने.”

बेंगलुरू की कंपनी जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हवाईअड्डा, ऊर्जा, राजमार्ग और शहरी अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में कारोबार करती है.

कंपनी के पास 15 बिजली उत्पादन परियोजनाएं हैं, जिनमें से आठ चालू हैं और सात विकास की प्रक्रिया में हैं.

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