छत्तीसगढ़: निवेशक घेरेंगे विधानसभा

रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ की आम जनता को ज्यादा ब्याज देने और रकम दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये जमा कराने के बाद भागे चिटफंड कंपनी संचालकों के खिलाफ निवेशकों में रोष है. धरना स्थल पर लगातार 36 दिनों से आंदोलन करने वाले पीड़ित अब एजेंटों एवं समर्थकों के साथ जहां 11 मार्च को विधानसभा घेरने की तैयारी में हैं, वहीं चुनावी वादा निभाने की मांग को लेकर तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारियों ने भी शुक्रवार को ओसीएम चौक से विधान सभा मार्च करने लामबंद हैं.

इस दौरान वे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं मुख्य सचिव विवेक ढांड के नाम ज्ञापन सौंपेंगे.

निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए अनशन कर रहे छत्तीसगढ़ अभिकर्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष गगन कुंभकार ने बताया कि करोड़ों रुपये का गबन करने वाले कंपनी संचालकों को सरकार बचाने में लगी है, जबकि संघ की मांग है कि संचालकों पर नया कानून ‘निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम 2005’ के तहत कार्रवाई की मांग लगातार कर रहे हैं.

आलम यह है कि कंपनी संचालकों की गिरफ्तारी और उनकी चल-अचल संपत्ति कुर्क करके निवेशकों को भुगतान कराने की बजाय एजेंटों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है. शासन-प्रशासन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं ले पा रही है. इसे देखते हुए अब समर्थकों के साथ विधानसभा घेराव के लिए तैयार है.

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ में चुनावी वादा पूरा करने में की जा रही कोताही से कर्मचारियों में रोष है. संघ के प्रांतीय प्रवक्ता विजय कुमार झा ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ वादा खिलाफी की है. तीसरी बार भाजपा सत्ता में आई, लेकिन कर्मचारियों को चार पदोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया. वादे के मुताबिक भत्तों का पुनरीक्षण भी नहीं किया.

25 साल की सेवा पर पूर्ण पेंशन की पात्रता के लिए 27 सितंबर 2015 को आंदोलन करने पर कर्मचारियों का वेतन काटा गया. इन मांगों को लेकर अब 11 मार्च को ओसीएम चौक से विधानसभा मार्च का निर्णय लिया है.

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