छत्तीसगढ़: 24 लाख की ठगी

कोरबा | अब्दुल असलम: फर्जी कंपनी के जरिए ऑनलाइन ठगी के मामले में कोरबा पुलिस ने एक प्रेमी जोड़े समेंत 5 लोगो को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने अलग-अलग 7 कंपनी बनाकर करीब 2000 लोगो को बेवकूफ बनाने का काम किया है जिसमें कोरबा बांकीमोंगरा स्थित एसबीआई बैंक के कर्मी के 24 लाख शामिल है. पुलिस को मिले. आरोपियों से जब्त दस्तावेज के मुताबिक कुल 2 करोड़ रूपए से ज्यादा की ठगी के प्रमाण मिले है. पुलिस ने प्राथमिक तौर पर सभी खातों को सीज करा दिया है.

इन लोगो ने एक दो रूपए नहीं बल्कि 2 करोड़ से अधिक की ठगी की है वो भी पूरे प्रोफेशनल तरीके से. दरअसल ठगों ने एसबीआई बांकीमोंगरा में पदस्थ विशेष सहायक शाखा कृष्ण कुमार राठौर को अलग-अलग कई फर्जी कंपनियों के स्कीम बताकर अपने झांसे में ले लिया और उससे 15 किश्तों में 24 लाख 77 हजार 921 रूपए जमा करा दिए. पीडि़त को ठगों ने 25.07.2015 को उसके द्वारा जमा समस्त रकम को दुगना होना बताया था. लेकिन जब उस बीच पीडि़त ने ठग के नम्बर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उसे मोबाईल बंद मिला. लिहाजा जब उसे ठगे जाने का एहसास हुआ तो उसने 3 सिंतबर 2015 को बांकीमोंगरा थाने में अपराध दर्ज कराया.


जांच में पुलिस ने पाया कि कस्टमर मनी बैंक, हालिडे पैकेज, स्टार यात्रा प्राईवेट लिमिटेड, मैक्स वैल्यु क्लब, एजोन प्राईवेट लिमिटेड, दिल्ली टूर एंड ट्रेवल, कारपोरेशन सर्विस दिल्ली के थे जो कि सभी के सभी फर्जी कंपनी थी. पुलिस ने जब कंपनियों के संचालक के संबंध में जानकारी हासिल की तो पता चला कि सभी कंपनियों को पूर्व में कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक-युवती संचालित कर रहे है. इन कंपनियों में केवल आरोपी प्रियंका सिंह (24) की कंपनी कारपोरेशन सर्विस दिल्ली के छोटे से दफ्तर को छोड़ किसी भी कंपनी का दफ्तर तक मौजूद नहीं था. सभी खातों से मिले हिसाब के मुताबिक 2 करोड़ से अधिक की ठगी ऑनलाईन तरिके से की गई है. जिसमें कृष्ण कुमार राठौर के 24 लाख 77 हजार 921 भी शामिल है.

पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि पकडाये सभी पांचो आरोपियों का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है. इनके 8 अलग-अलग एजेंट है जिनकी तलाश जारी है उन्ही के जरिए ये लोग लोगों के संपर्क में आते थे. फिर एजेंट लोगों को झांसे में लेकर रकम दूगनी करने, वर्ल्ड टूर कराने, बीमा कराने आदि के प्रलोभन देकर इनके कंपनी में पैसा जमा कराते थे. और पूरे पैसे को तुरंत ही निकाल लिया करते थे.

बाद में इन संचालकों को इनके हिस्से का 15 से 30 फीसदी कमिशन दे दिया जाता था. पुलिस ने तात्कालिक तौर पर मिले सभी सातों फर्जी कंपनी खाते को सीज करा दिया है. पकड़ाये सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले है जिनमें गौरव कुमार आकाश अरोरा, प्रियंका सिंह, राजकुमार, मुकेश मिश्रा शामिल है.

आरोपियों में मुकेश मिश्रा व प्रियंका सिंह एक दूसरे के मंगेतर है जिनकी जल्द शादी होने वाली थी. लेकिन ठगी के फेर में फंस अपराध को अंजाम देने के बाद अब इनकी शादी जेल से छुटने के बाद ही हो सकती है. इस मामले का एक बड़ा पहलू ये भी है कि तमाम समझाइसों के बाद भी लोग इस तरह की कंपनी को बिना वेरीफाई किये उसमें रकम को जमा कर देते है.

इन पीडि़तों में गांव के अनपढ़ तो शामिल होते ही है साथ कृष्ण कुमार राठौर जैसे शाखा विशेष सहायक भी शामिल होते है. लिहाजा आरोपियों के पकड़ में आने के बाद पुलिस ने एक बार फिर जनता से ये अपील की है कि कभी ठगों के झांसे में आने से बचें.

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