मेडिकल के 68 फीसदी फेल छात्र हो गए पास!

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में आयुष विश्वविद्यालय के एमबीबीएस फाइनल पार्ट मुख्य परीक्षा में फेल छात्र पुनर्मूल्यांकन के बाद 68 फीसदी छात्र पास हो गए. इसके साथ पहले की गई जांच संदेह के दायरे में आ गई है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर मेडिकल कॉलेज के 29 में 22 छात्र फेल से पास घोषित किए गए हैं. यानी यहां 76 फीसदी छात्र फेल से पास हो गए हैं. सिम्स कॉलेज बिलासपुर छत्तीसगढ़ के 17 में 8 जगदलपुर मेडिकल कॉलेज छत्तीसगढ़ के 10 में 7 छात्र फेल से पास हुए हैं.

गौरतलब है कि रायपुर, बिलासपुर जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के 56 स्टूडेंट ने मूल्यांकन पर असंतोष जताते हुए पुनर्मूल्यांकन के विवि में आवेदन किया था. पुनर्मूल्यांकन के नतीजे आने के बाद छात्रों का शक सही साबित हुआ है. इस संबंध में उन्होंने संबंधित कॉलेजों के डीन से भी शिकायत की थी. डीन भी इस मामले पर ज्यादा कुछ न कहते हुए पुनर्मूल्यांकन के लिए सुझाव दिए थे.

जानकार बताते हैं कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में बीए, एमए जैसी परीक्षा के मूल्यांकन में इतनी भरार्शाही नहीं होती, जितना एमबीबीएस के मूल्यांकन में हुआ है. पुनर्मूल्यांकनका का जो रिजल्ट जारी हुआ है, उसमें एक बात गौर करने लायक है. जो भी छात्र फेल से पास हुए हैं, उन्होंने पीएसएम के पर्चे के मूल्यांकन में संदेह जताया था.

56 स्टूडेंट में 54 के नंबर बदल गए. मतलब 96 फीसदी स्टूडेंट के नंबर पीएसएम में बदल गए. चार स्टूडेंट के ईएनटी एक स्टूडेंट का नेत्र विषय के परचे में नंबर बढ़ा है.

आयुष विवि के कुलपति डॉ.जीबी गुप्ता ने कहा, “मूल्यांकन में गड़बड़ी पाई गई तो मूल्यांकनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नियम में ऐसी कार्रवाई का अधिकार है.”

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